देवझूलनी एकादशी पर कृष्णमय हुआ जोधपुर का भीतरी शहर
- Posted on 23 सितम्बर 2026
- जोधपुर
- By Rajendra Harsh
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जोधपुर। देवझूलनी एकादशी के अवसर पर बुधवार को जोधपुर का भीतरी शहर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में रंगा नजर आया। वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा के तहत भगवान श्रीकृष्ण को आकर्षक पालकी में विराजमान कर श्रद्धालुओं के साथ पदम सागर तक ले जाया गया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। गंगश्याम जी मंदिर, जस गोविंद लाल मंदिर और सीताराम जी मंदिर की ओर से आयोजित इस धार्मिक परंपरा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पालकी यात्रा के दौरान भक्त भगवान के साथ पदम सागर पहुंचे। यहां धार्मिक विधि-विधान के साथ भगवान श्रीकृष्ण को नए जल से स्नान कराया गया। स्नान के बाद भगवान को नई पोशाक धारण कराई गई और पूजा-अर्चना की गई।
जोधपुर। देवझूलनी एकादशी के अवसर पर बुधवार को जोधपुर का भीतरी शहर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में रंगा नजर आया। वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा के तहत भगवान श्रीकृष्ण को आकर्षक पालकी में विराजमान कर श्रद्धालुओं के साथ पदम सागर तक ले जाया गया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
गंगश्याम जी मंदिर, जस गोविंद लाल मंदिर और सीताराम जी मंदिर की ओर से आयोजित इस धार्मिक परंपरा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पालकी यात्रा के दौरान भक्त भगवान के साथ पदम सागर पहुंचे। यहां धार्मिक विधि-विधान के साथ भगवान श्रीकृष्ण को नए जल से स्नान कराया गया। स्नान के बाद भगवान को नई पोशाक धारण कराई गई और पूजा-अर्चना की गई।
भगवान के पुनः श्रृंगार के बाद उन्हें पालकी में विराजमान कर मंदिर की ओर रवाना किया गया। इस दौरान श्रद्धालु पूरे रास्ते “जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी” के जयकारे लगाते हुए साथ चलते रहे। भजन-कीर्तन और ढोल-नगाड़ों की धुन पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। मंदिर पहुंचने पर भगवान को विधिवत निज मंदिर में विराजमान कराया गया।
आयोजन के दौरान क्षेत्र के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। धार्मिक परंपरा से जुड़ी इस यात्रा में मोहल्ले के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। जस गोविंद लाल मंदिर के पुजारी सूरज प्रकाश के साथ डॉ. चिन्मय जोशी, रामेश्वर लोढ़ा, दिनेश गांधी, वल्लभ भाई, आलोक व्यास, विक्की मूथा सहित बड़ी संख्या में भक्तजन मौजूद रहे।
श्रद्धालुओं ने बताया कि देवझूलनी एकादशी पर भगवान को पालकी में विराजमान कर जलाशय तक ले जाने और स्नान कराने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। इस आयोजन के माध्यम से धार्मिक आस्था, परंपरा और सामूहिक भक्ति का वातावरण बना रहा। भीतरी शहर में निकली पालकी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाकर वातावरण को कृष्णमय कर दिया।
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