कच्चे माल की भारी वृद्धि और मंदी से कोरुगेटेड बॉक्स उद्योग संकट में, अस्तित्व पर खतरा

जोधपुर। कच्चे माल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और बाजार में आई मंदी के चलते जोधपुर का कोरुगेटेड बॉक्स उद्योग गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है। Jodhpur Corrugated Box Manufacturers Association (JCBMA) की आपातकालीन बैठक में उद्योग की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए सरकार और व्यापारिक जगत से सहयोग की अपील की गई। एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश गर्ग और सचिव राजू ने बताया कि पिछले दो महीनों में क्राफ्ट पेपर की कीमतों में करीब 20 से 22 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके अलावा स्टिचिंग वायर, गम, इंक और बाइंडिंग क्लॉथ सहित अन्य आवश्यक कच्चे माल की लागत भी बढ़ गई है।

WhatsApp Image 2026-09-06 at 10.12.42 PM (1) (1) (1) (1)-IRxHiAUcVD.jpg

जोधपुर। कच्चे माल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और बाजार में आई मंदी के चलते जोधपुर का कोरुगेटेड बॉक्स उद्योग गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है। Jodhpur Corrugated Box Manufacturers Association (JCBMA) की आपातकालीन बैठक में उद्योग की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए सरकार और व्यापारिक जगत से सहयोग की अपील की गई।

एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश गर्ग और सचिव राजू ने बताया कि पिछले दो महीनों में क्राफ्ट पेपर की कीमतों में करीब 20 से 22 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके अलावा स्टिचिंग वायर, गम, इंक और बाइंडिंग क्लॉथ सहित अन्य आवश्यक कच्चे माल की लागत भी बढ़ गई है। इससे उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि बाजार में मांग कमजोर होने से कारोबारियों पर दोहरी मार पड़ रही है।

एसोसिएशन के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार से स्क्रैप और वेस्ट पेपर की आवक प्रभावित होने से क्राफ्ट पेपर की कीमतों में तेजी आई है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण कंटेनर शिपिंग भाड़े में बढ़ोतरी का भी आयात पर असर पड़ा है। वहीं कोयले की कमी और महंगी कीमतों के साथ आवश्यक केमिकल्स तथा पल्प की उपलब्धता प्रभावित होने से पेपर मिलों का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है।

बैठक में अनिल शर्मा, मनीष अग्रवाल, पुनीत कोठारी, पंकज परिहार, सनत जैन और अंबुज कुमार जैन सहित अन्य सदस्यों ने बताया कि जोधपुर में करीब 125 से 150 कोरुगेटेड बॉक्स निर्माण इकाइयां हैं। इनमें कई इकाइयां बंद हो चुकी हैं, जबकि कई बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं।

वर्तमान में जोधपुर के हैंडीक्राफ्ट और फर्नीचर उद्योग को वैश्विक मंदी तथा बढ़ते शिपिंग भाड़े का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा टेक्सटाइल और स्टील उद्योग में आई गिरावट से बॉक्स की मांग भी काफी कम हुई है।

यह श्रम-प्रधान उद्योग जोधपुर में प्रत्यक्ष रूप से करीब 4 से 5 हजार और अप्रत्यक्ष रूप से 30 से 40 हजार लोगों को रोजगार देता है। उद्योग के संकट में आने से हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका है।

एसोसिएशन ने सरकार, ग्राहकों और व्यापारिक जगत से अपील की है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए कोरुगेटेड बॉक्स की कीमतों में आवश्यक संशोधन का समर्थन किया जाए, ताकि उद्योग को बंद होने से बचाया जा सके और हजारों लोगों के रोजगार पर मंडरा रहे संकट को टाला जा सके।

0
Author
Rajendra Harsh
Author
Rajendra Harsh

Write a Response