डिजिटल अरेस्ट ठगी मामले में सहआरोपी सदासुख गिरफ्तार

जोधपुर। साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर पुलिस थाना जोधपुर ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1.85 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने जैसलमेर जिले से मामले के सहआरोपी सदासुख को गिरफ्तार किया है, जो साइबर ठगी के लिए बैंक खातों की व्यवस्था करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। पुलिस आयुक्त शरत कविराज, पुलिस उपायुक्त शाहीन सी तथा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त धन्ना राम के निर्देशन में सहायक पुलिस आयुक्त साइबर की निगरानी में पुलिस निरीक्षक सुरेश सारण के नेतृत्व में गठित टीम ने यह कार्रवाई की।

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जोधपुर। साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर पुलिस थाना जोधपुर ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1.85 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने जैसलमेर जिले से मामले के सहआरोपी सदासुख को गिरफ्तार किया है, जो साइबर ठगी के लिए बैंक खातों की व्यवस्था करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।

पुलिस आयुक्त शरत कविराज, पुलिस उपायुक्त शाहीन सी तथा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त धन्ना राम के निर्देशन में सहायक पुलिस आयुक्त साइबर की निगरानी में पुलिस निरीक्षक सुरेश सारण के नेतृत्व में गठित टीम ने यह कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार 23 फरवरी 2026 को एक परिवादी ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि अज्ञात व्यक्तियों ने व्हाट्सएप कॉल कर आधार कार्ड का उपयोग अपराध में होने का भय दिखाते हुए उसे डिजिटल अरेस्ट कर लिया और विभिन्न खातों में कुल 1.85 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए। मामले में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने ठगी गई राशि में से 40 लाख रुपये परिवादी को रिफंड करवाए हैं, जबकि त्वरित कार्रवाई से 22 लाख रुपये की अतिरिक्त साइबर ठगी भी रुकवाई गई।

जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी सदासुख मजदूर और अशिक्षित लोगों को कृषि ऋण या उधार राशि दिलाने का झांसा देकर उनके बैंक खाते हासिल करता था। बाद में इन्हीं खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया जाता था। अनुसंधान के दौरान ठगी में प्रयुक्त दूसरे स्तर के खाते का संचालन सदासुख द्वारा किया जाना पाया गया, जिसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले भी साइबर अपराध के दो मामले दर्ज हैं। इसके अलावा उसके द्वारा उपयोग किए गए खातों से जुड़े कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात और हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों में कुल नौ साइबर शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें लगभग 30 लाख रुपये की ठगी का उल्लेख है। पुलिस अब उसके अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है।

 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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