दशकों बाद मिले चौपासनी स्कूल के पूर्व छात्र

जोधपुर। कहा जाता है कि सहपाठी और दोस्ती के रिश्ते कभी समाप्त नहीं होते। शिक्षा पूरी होने के बाद पारिवारिक जिम्मेदारियों, समय की कमी और दूरियों के कारण भले ही संपर्क कम हो जाए, लेकिन दिलों में अपनापन जीवित रहे तो वर्षों पुरानी यादें एक पल में लौट आती हैं। ऐसा ही भावुक और यादगार दृश्य शनिवार और रविवार को जोधपुर जिले के महान चौपासनी स्कूल परिसर में आयोजित चौपासनी स्कूल भूतपूर्व छात्र समिति के दो दिवसीय गेट-टुगेदर एवं स्नेह मिलन समारोह में देखने को मिला।

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जोधपुर। कहा जाता है कि सहपाठी और दोस्ती के रिश्ते कभी समाप्त नहीं होते। शिक्षा पूरी होने के बाद पारिवारिक जिम्मेदारियों, समय की कमी और दूरियों के कारण भले ही संपर्क कम हो जाए, लेकिन दिलों में अपनापन जीवित रहे तो वर्षों पुरानी यादें एक पल में लौट आती हैं। ऐसा ही भावुक और यादगार दृश्य शनिवार और रविवार को जोधपुर जिले के महान चौपासनी स्कूल परिसर में आयोजित चौपासनी स्कूल भूतपूर्व छात्र समिति के दो दिवसीय गेट-टुगेदर एवं स्नेह मिलन समारोह में देखने को मिला।

समारोह के सफल आयोजन को लेकर गत एक माह से व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई थीं। भूतपूर्व छात्र समिति के पदाधिकारियों ने स्कूल में सेवाएं दे चुके सेवानिवृत्त शिक्षाविदों तथा पूर्व छात्र-छात्राओं से व्यक्तिगत संपर्क किया। इसके अलावा मोबाइल और व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से पुराने साथियों को जोड़ते हुए हजारों पूर्व छात्रों तक निमंत्रण पहुंचाया गया तथा उनके नामों का पंजीकरण किया गया।

आयोजन के दौरान दशकों पुराने मित्रों का मिलन भावुक क्षणों का साक्षी बना। किसी ने 25 वर्षों बाद अपने सहपाठी को देखा तो किसी की मुलाकात 40 से 50 साल बाद अपने पुराने मित्रों से हुई। वर्षों बाद एक-दूसरे को देखकर सभी पुराने दिनों की यादों में खो गए। बचपन की शरारतें, खेलकूद, पढ़ाई और विद्यालय जीवन के अनगिनत किस्से चर्चा का विषय बने रहे। कई पूर्व छात्रों की आंखें अपने मित्रों से मिलकर नम हो गईं।

समारोह में एक हजार से अधिक पूर्व छात्र एक मंच पर एकत्रित हुए। इस आयोजन में भाग लेने के लिए सऊदी अरब, मैसूरु, महाराष्ट्र, हैदराबाद, चेन्नई, गुजरात, हरियाणा सहित राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से पूर्व छात्र पहुंचे। यह सम्मेलन केवल 80 से 90 वर्ष आयु वर्ग के वरिष्ठ छात्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि 30 से 70 वर्ष आयु वर्ग के बड़ी संख्या में पूर्व छात्रों ने भी इसमें भागीदारी निभाई। कई युवा पूर्व छात्रों ने पहली बार उन वरिष्ठों से मुलाकात की, जिनकी उपलब्धियों और रोचक किस्सों के बारे में वे केवल सुनते आए थे।

समिति के अध्यक्ष महिपाल सिंह चुई, सचिव संतोक सिंह सिनली, वरिष्ठ उपाध्यक्ष छतर सिंह गादेरी, संयोजक भूपेन्द्र सिंह सोढ़ा सहित लूणे सिंह खीची, गोरधन सिंह खीची, सुमेर सिंह कोसाणा, अमर सिंह ईंदा, पेपा सिंह, लाखन सिंह, लक्ष्मण सिंह आमला, श्यामा सिंह, पुष्पेन्द्र सिंह, मनोहर सिंह और मनजीत सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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Author
Rajendra Harsh
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