चौपासनी बचाओ संघर्ष समिति का सद्बुद्धि यज्ञ

जोधपुर, 2 जुलाई। चौपासनी बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर गुरुवार को चौपासनी विद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने भाग लेकर चौपासनी शिक्षा समिति में लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल करने तथा राजपूत एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा कथित बैकडोर एंट्री और एकाधिकारवादी व्यवस्था समाप्त करने की मांग उठाई। संघर्ष समिति के संयोजक शंभू सिंह मेड़तिया ने बताया कि समिति ने पहले संस्था के मुख्य संरक्षक को ज्ञापन देकर लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल करने का आग्रह किया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर समाज के प्रबुद्धजनों की मौजूदगी में सद्बुद्धि यज्ञ आयोजित किया गया

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जोधपुर, 2 जुलाई। चौपासनी बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर गुरुवार को चौपासनी विद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने भाग लेकर चौपासनी शिक्षा समिति में लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल करने तथा राजपूत एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा कथित बैकडोर एंट्री और एकाधिकारवादी व्यवस्था समाप्त करने की मांग उठाई।

संघर्ष समिति के संयोजक शंभू सिंह मेड़तिया ने बताया कि समिति ने पहले संस्था के मुख्य संरक्षक को ज्ञापन देकर लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल करने का आग्रह किया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर समाज के प्रबुद्धजनों की मौजूदगी में सद्बुद्धि यज्ञ आयोजित किया गया। उनका कहना था कि समाज की विभिन्न संस्थाओं में लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसका समाज विरोध कर रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बी.जे.एस. स्कूल, सरदार हॉस्टल और नागाणा मंदिर सहित कई संस्थाओं पर एकाधिकार स्थापित किया गया है तथा अब चौपासनी विद्यालय की लोकतांत्रिक व्यवस्था को भी समाप्त करने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने कहा कि चौपासनी संस्था आम राजपूत समाज के सहयोग और योगदान से बनी है, इसलिए इसका संचालन भी लोकतांत्रिक तरीके से समाज के प्रतिनिधियों के हाथों में ही होना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित बैठक में मौजूद प्रबुद्धजनों ने निर्णय लिया कि यदि समय रहते पैलेस स्तर पर समाधान नहीं निकला तो संघर्ष समिति शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी। यज्ञ के माध्यम से संस्था के मुख्य संरक्षक और उनकी टीम को सद्बुद्धि मिलने तथा संस्था का संचालन समाज की भावना और लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप होने की प्रार्थना भी की गई।

इस अवसर पर पद्मश्री एवं पद्मभूषण डॉ. नारायण सिंह मानकलाव, पूर्व सांसद, सह-संयोजक गोपाल सिंह भलासरिया, भेरूसिंह खारिया, सजन कंवर बाईसा, मोहन सिंह मालूंगा, वीरेंद्र सिंह बच्छवारी, संतोक सिंह सिनली, मोहन सिंह खीची, बिसन सिंह सोढ़ा, शंभू सिंह तंवर, अनोप सिंह राजवा, अर्जुन सिंह हाफा, श्याम सिंह सजाड़ा, पार्षद सुमेर सिंह, गिरधर सिंह केतु, गणेश सिंह सहित सैकड़ों समाजबंधु और युवा उपस्थित रहे। अंत में सह-संयोजक गोपाल सिंह भलासरिया ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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