भोपाल एक्सप्रेस के खाली कोच में मिला साढ़े सात किलो डोडा पोस्त

जोधपुर। भगत की कोठी रेलवे स्टेशन की वाशिंग लाइन में मेंटेनेंस के लिए खड़ी जोधपुर-भोपाल एक्सप्रेस के खाली रैक से रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 7.606 किलो डोडा पोस्त बरामद किया। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 14 हजार रुपए आंकी गई है। डोडा पोस्त एक लावारिस बैग में प्लास्टिक के पैकेट के अंदर रखा हुआ था। मामले में आरपीएफ ने बरामद मादक पदार्थ को अग्रिम कार्रवाई के लिए जीआरपी को सौंप दिया है।

WhatsApp Image 2026-08-29 at 7.20.33 PM-U0bA7mhEj6.jpeg

जोधपुर। भगत की कोठी रेलवे स्टेशन की वाशिंग लाइन में मेंटेनेंस के लिए खड़ी जोधपुर-भोपाल एक्सप्रेस के खाली रैक से रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 7.606 किलो डोडा पोस्त बरामद किया। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 14 हजार रुपए आंकी गई है। डोडा पोस्त एक लावारिस बैग में प्लास्टिक के पैकेट के अंदर रखा हुआ था। मामले में आरपीएफ ने बरामद मादक पदार्थ को अग्रिम कार्रवाई के लिए जीआरपी को सौंप दिया है।

वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आरपीएफ नीतीश शर्मा ने बताया कि ट्रेन संख्या 14813 जोधपुर-भोपाल एक्सप्रेस को मेंटेनेंस के लिए भगत की कोठी रेलवे स्टेशन की वाशिंग लाइन संख्या-9 पर खड़ा किया गया था। ट्रेन के खाली कोचों की जांच के दौरान आरपीएफ टीम को कोच संख्या 263541/सी में एक लावारिस बैग दिखाई दिया।

संदेह के आधार पर बैग की जांच की गई। बैग खोलने पर उसमें प्लास्टिक के पैकेट मिले। जांच करने पर पैकेटों में डोडा पोस्त भरा हुआ पाया गया। आरपीएफ टीम ने मादक पदार्थ को अपने कब्जे में लेकर उसका वजन कराया, जो कुल 7.606 किलो निकला। इसकी अनुमानित कीमत 1.14 लाख रुपए बताई गई है।

आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार बैग के संबंध में तत्काल कोई व्यक्ति सामने नहीं आया और न ही मौके पर कोई ऐसा व्यक्ति मिला, जो इस मादक पदार्थ पर अपना दावा करता हो। इसके बाद बरामद डोडा पोस्त को नियमानुसार जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की गई।

यह कार्रवाई प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त ज्योति कुमार सतीजा, मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी और सहायक सुरक्षा आयुक्त मुकेश कुमार के निर्देशन में की गई। निरीक्षक मदनलाल भाटी के सुपरविजन में आरपीएफ टीम ने जांच कार्रवाई को अंजाम दिया।

उप निरीक्षक सागरमल ने बरामद 7.606 किलो डोडा पोस्त और संबंधित तहरीर को अग्रिम कार्रवाई के लिए जीआरपी के सुपुर्द कर दिया। अब जीआरपी की ओर से बरामद मादक पदार्थ के स्रोत और इसे ट्रेन के कोच तक पहुंचाने वाले व्यक्ति या गिरोह के संबंध में जांच की जाएगी।

आरपीएफ की इस कार्रवाई से रेलवे परिसरों में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध परिवहन पर निगरानी की प्रभावशीलता भी सामने आई है।

0
Author
Rajendra Harsh
Author
Rajendra Harsh

Write a Response