बड़लेश्वर महादेव मंदिर में भागवत कथा के चौथे दिन गूंजे भक्ति और समाज सुधार के संदेश
- Posted on 14 अगस्त 2026
- जोधपुर
- By Rajendra Harsh
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जोधपुर। श्री बड़लेश्वर महादेव मंदिर, जालोरी बारी में जीर्णोद्धार उत्सव के तहत आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक प्रसंगों का भक्तिमय वातावरण रहा। कथा व्यास परमहंस 108 श्री राम प्रसाद जी महाराज ने व्यास पीठ से भगवान की भक्ति, विभिन्न अवतारों और धर्म के महत्व से जुड़े प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। इस दौरान अनुभव दास जी महाराज एवं सेनाचार्य अचलानंद जी महाराज का भी सानिध्य रहा।
जोधपुर। श्री बड़लेश्वर महादेव मंदिर, जालोरी बारी में जीर्णोद्धार उत्सव के तहत आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक प्रसंगों का भक्तिमय वातावरण रहा। कथा व्यास परमहंस 108 राम प्रसाद महाराज ने व्यास पीठ से भगवान की भक्ति, विभिन्न अवतारों और धर्म के महत्व से जुड़े प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। इस दौरान अनुभव दास महाराज एवं सेनाचार्य अचलानंद महाराज का भी सानिध्य रहा।
कथा का शुभारंभ भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति के प्रसंग से हुआ। इसके बाद समुद्र मंथन, भगवान शिव द्वारा विषपान, देवताओं और दानवों के बीच अमृत प्राप्ति के लिए हुए संघर्ष तथा भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप में अमृत वितरण का प्रसंग सुनाया गया। कथा व्यास ने मत्स्य अवतार, राजा बलि और भगवान वामन अवतार के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, सत्य, त्याग और भगवान की शरणागति का महत्व समझाया।
कथा में श्रीराम जन्म, राजा भागीरथ द्वारा मां गंगा को पृथ्वी पर लाने तथा भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव तक के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान कथा स्थल जयकारों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक जन्मोत्सव मनाया। इस दौरान श्रद्धालुओं में पीली साड़ियों और पारंपरिक पोशाकों का विशेष आकर्षण देखने को मिला।
सेनाचार्य अचलानंद महाराज ने कहा कि सूर्यनगरी जोधपुर धार्मिक आयोजनों की नगरी है। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल आध्यात्मिक आनंद प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी होना चाहिए। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि परिवार में सुधार की शुरुआत घर से की जा सकती है।
उन्होंने माताओं और बहनों से बच्चों एवं परिवार के सदस्यों को नशे से दूर रखने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रेम, संवाद, संस्कार और सही मार्गदर्शन के माध्यम से बच्चों और युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से बचाया जा सकता है।
कार्यक्रम में बड़लेश्वर सत्संग समिति की ओर से संत-महात्माओं का साफा पहनाकर अभिनंदन किया गया। श्रद्धालुओं ने संतों का आशीर्वाद लिया। बड़लेश्वर परिवार की ओर से भागवत जी की विधिवत आरती की गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर धर्म, भक्ति और संस्कारों का संदेश ग्रहण किया।
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