राम जन्मभूमि आंदोलन से देश में जागृति लाने का श्रेय अशोक सिंघल को: डॉ. सुरेंद्र जैन
- Posted on 25 अक्टूबर 2026
- जोधपुर
- By Rajendra Harsh
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जोधपुर। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) जोधपुर महानगर की ओर से रविवार शाम रातानाडा स्थित मगनीराम बांगड़ तकनीकी विश्वविद्यालय में श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के प्रणेता एवं विहिप के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष का शुभारंभ समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम संत समिति के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती और संत अमृताराम महाराज के सानिध्य में हुआ। इसमें संतों और वक्ताओं ने अशोक सिंघल के योगदान, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण पर विचार रखे। मुख्य वक्ता डॉ. सुरेंद्र जैन ने महर्षि वाल्मीकि के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र को जन-जन तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता के बिना विकसित राष्ट्र की कल्पना संभव नहीं है। संत रविदास की 650वीं जयंती के संदर्भ में उन्होंने सामाजिक जागृति और छुआछूत समाप्त करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
जोधपुर। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) जोधपुर महानगर की ओर से रविवार शाम रातानाडा स्थित मगनीराम बांगड़ तकनीकी विश्वविद्यालय में श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के प्रणेता एवं विहिप के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष का शुभारंभ समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम संत समिति के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती और संत अमृताराम महाराज के सानिध्य में हुआ। इसमें संतों और वक्ताओं ने अशोक सिंघल के योगदान, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण पर विचार रखे।
समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत रहे, जबकि अध्यक्षता समाजसेवी रमेश अग्रवाल ने की। मुख्य वक्ता विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजस्थान क्षेत्र प्रचारक निंबाराम सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
शेखावत ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व तनाव के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में भारत में सामाजिक और धार्मिक संगठनों के माध्यम से युवाओं को जागृत कर राष्ट्र को दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है।
निंबाराम ने कहा कि अशोक सिंघल राम जन्मभूमि आंदोलन के पर्याय बनकर उभरे। उन्होंने जन-जन में रामभक्ति की भावना जागृत की और लाखों लोगों को आंदोलन से जोड़ा। उन्होंने देशभर के संतों को एक मंच पर लाकर उनके नेतृत्व में कार्य करने की परंपरा को मजबूत किया।
मुख्य वक्ता डॉ. सुरेंद्र जैन ने महर्षि वाल्मीकि के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र को जन-जन तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता के बिना विकसित राष्ट्र की कल्पना संभव नहीं है। संत रविदास की 650वीं जयंती के संदर्भ में उन्होंने सामाजिक जागृति और छुआछूत समाप्त करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने राजस्थान के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि विभिन्न समुदायों के सहयोग ने विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती, संत अमृताराम महाराज, विधायक अतुल भंसाली, पूर्व राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत, भाजपा अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल सहित विहिप और अन्य संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संचालन महेंद्र सिंह राजपुरोहित, पंडित राजेश दवे और विक्रांत अग्रवाल ने किया। डॉ. राम गोयल ने आभार व्यक्त किया।
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