रविवार, 1 नवम्बर 2026 10:50 AM

जोजरी नदी में प्रदूषण फैलाने वाली दो रंगाई-छपाई फैक्ट्रियों पर कार्रवाई

जोधपुर। थाना प्रतापनगर सदर पुलिस और डीएसटी जोधपुर पश्चिम की टीम ने जोजरी नदी में प्रदूषण फैलाने वाली रंगाई-छपाई की दो फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मोहम्मद वसीम और मोहम्मद रिजवान को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ पर्यावरण प्रदूषण और जल प्रदूषण से संबंधित धाराओं में मामले दर्ज किए हैं। पुलिस के अनुसार 13 सितंबर को मिली सूचना के आधार पर टीम ने ढब्बू बस्ती, हाथी नहर पहाड़ी क्षेत्र में मोहम्मद वसीम के मकान पर दबिश दी। जांच के दौरान वहां कपड़ों की रंगाई-छपाई से निकलने वाला रंगीन रसायनयुक्त पानी बिना उपचारित किए सीवरेज लाइन में छोड़े जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने पाया कि दूषित पानी सीवरेज के माध्यम से जोजरी नदी में पहुंचकर जल प्रदूषण का कारण बन रहा था।

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जोधपुर। थाना प्रतापनगर सदर पुलिस और डीएसटी जोधपुर पश्चिम की टीम ने जोजरी नदी में प्रदूषण फैलाने वाली रंगाई-छपाई की दो फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मोहम्मद वसीम और मोहम्मद रिजवान को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ पर्यावरण प्रदूषण और जल प्रदूषण से संबंधित धाराओं में मामले दर्ज किए हैं।

पुलिस आयुक्त अंशुमान भोमिया और पुलिस उपायुक्त जोधपुर पश्चिम कमल शेखावत के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त प्रवीण कुमार तथा सहायक पुलिस आयुक्त प्रतापनगर नतिशा जाखड़ के सुपरविजन में यह कार्रवाई की गई। थाना प्रतापनगर सदर थानाधिकारी सुंदर कला के नेतृत्व में थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

पुलिस के अनुसार 13 सितंबर को मिली सूचना के आधार पर टीम ने ढब्बू बस्ती, हाथी नहर पहाड़ी क्षेत्र में मोहम्मद वसीम के मकान पर दबिश दी। जांच के दौरान वहां कपड़ों की रंगाई-छपाई से निकलने वाला रंगीन रसायनयुक्त पानी बिना उपचारित किए सीवरेज लाइन में छोड़े जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने पाया कि दूषित पानी सीवरेज के माध्यम से जोजरी नदी में पहुंचकर जल प्रदूषण का कारण बन रहा था।

इसी प्रकार दूसरी कार्रवाई ढब्बू बस्ती, हाथी नहर के पास मोहम्मद रिजवान के मकान पर की गई। पुलिस को मकान की छत पर बड़े भगौनों और टबों में रंगीन रसायनयुक्त पानी भरा मिला। मौके पर कपड़ों की रंगाई के बाद सुखाने के लिए रस्सियां बंधी हुई थीं तथा छह ड्रमों में पानी भरा पाया गया। एक कोने में रंगाई किए हुए गीले कपड़ों का ढेर भी मिला। पुलिस के मुताबिक रसायनयुक्त पानी को मकान के पास बनी नाली के जरिए सीवरेज लाइन में छोड़ा जा रहा था।

दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 तथा जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1974 के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं। प्रकरण संख्या 142/2026 और 143/2026 की अग्रिम जांच एसआईटी के एडीसीपी प्रवीण कुमार को सौंपी गई है। पुलिस ने बताया कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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