आयुर्वेद विश्वविद्यालय में 11वां आयुर्वेद दिवस समारोह हर्षोल्लास से मनाया
- Posted on 23 सितम्बर 2026
- सामान्य समाचार
- By Rajendra Harsh
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जोधपुर। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर में बुधवार को 11वां आयुर्वेद दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुश्रुत सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक, स्वास्थ्य एवं जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से आयुर्वेद के महत्व और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एमडीएम अस्पताल, जोधपुर के चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित रहे, जबकि अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल ने की। आयुर्वेद दिवस के तहत पीजीआईए की ओर से वाद-विवाद, निबंध, आयुर्वेदिक आहार, पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता, स्वास्थ्य शिविर, शैक्षणिक व्याख्यान और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए आयुर्वेद और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े संदेश प्रस्तुत किए।
जोधपुर। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर में बुधवार को 11वां आयुर्वेद दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुश्रुत सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक, स्वास्थ्य एवं जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से आयुर्वेद के महत्व और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एमडीएम अस्पताल, जोधपुर के चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित रहे, जबकि अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. ब्रह्मानन्द शर्मा, विभागाध्यक्ष, स्नातकोत्तर विभाग स्वास्थ्यवृत्त एवं योग, द्वारा आयुर्वेद दिवस के तहत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों का प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के साथ हुई। इसके बाद डॉ. सौरभ अग्रवाल और डॉ. भानुप्रिया चौधरी, एसोसिएट प्रोफेसर, ने आयुर्वेद के विभिन्न आयामों, स्वस्थ जीवनशैली और वर्तमान समय में आयुर्वेद की प्रासंगिकता पर विशेष व्याख्यान दिए।
आयुर्वेद दिवस के तहत पीजीआईए की ओर से वाद-विवाद, निबंध, आयुर्वेदिक आहार, पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता, स्वास्थ्य शिविर, शैक्षणिक व्याख्यान और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए आयुर्वेद और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े संदेश प्रस्तुत किए। स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से आमजन को दिनचर्या, ऋतुचर्या, आहार-विहार, योग और रोगों की रोकथाम की जानकारी दी गई।
कुलगुरु प्रो. गोविंद सहाय शुक्ल ने कहा कि आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की समग्र जीवन-दृष्टि है। उन्होंने विद्यार्थियों से आयुर्वेद के मूल सिद्धांतों का गहन अध्ययन कर उन्हें आधुनिक संदर्भों में प्रभावी रूप से समाज के समक्ष प्रस्तुत करने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि डॉ. विकास राजपुरोहित ने कहा कि जीवनशैली से जुड़े रोगों की बढ़ती चुनौती के बीच स्वास्थ्य संरक्षण और रोगों की रोकथाम में आयुर्वेद की भूमिका महत्वपूर्ण है। विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के ज्ञान एवं अनुभव का समन्वय जनस्वास्थ्य के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकता है।
इस अवसर पर छात्र कल्याण बोर्ड की ओर से नव नियुक्त छात्रसंघ सदस्यों को पद एवं दायित्व की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के अंत में पीजीआईए के प्राचार्य प्रो. चन्दन सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और विभिन्न संकायों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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