फिल्म ‘सूर्या–अंत से आरंभ तक’ में चिकित्सकों के चित्रण पर आईएमए चिंतित
- Posted on 22 अक्टूबर 2026
- सामान्य समाचार
- By Rajendra Harsh
- 57 Views
जोधपुर, 22 अक्टूबर। फिल्म ‘SURYAA – Ant Se Aarambh Tak’ की प्रचार सामग्री में चिकित्सकों के चित्रण और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा को कथित रूप से उचित ठहराए जाने की आशंका पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने चिंता जताई है। संगठन ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर फिल्म की निष्पक्ष समीक्षा और आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है। आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार जे. नायक की ओर से भेजे गए पत्र में आशंका जताई गई है कि कुछ व्यक्तियों के कथित भ्रष्टाचार या अनैतिक आचरण को पूरे चिकित्सा समुदाय से जोड़कर प्रस्तुत करने से ईमानदार चिकित्सकों की प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है।
-
जोधपुर, 22 अक्टूबर। फिल्म ‘SURYAA – Ant Se Aarambh Tak’ की प्रचार सामग्री में चिकित्सकों के चित्रण और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा को कथित रूप से उचित ठहराए जाने की आशंका पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने चिंता जताई है। संगठन ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर फिल्म की निष्पक्ष समीक्षा और आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है।
आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार जे. नायक की ओर से भेजे गए पत्र में आशंका जताई गई है कि कुछ व्यक्तियों के कथित भ्रष्टाचार या अनैतिक आचरण को पूरे चिकित्सा समुदाय से जोड़कर प्रस्तुत करने से ईमानदार चिकित्सकों की प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है। संगठन का कहना है कि डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल कर्मचारियों के खिलाफ हिंसा को वीरतापूर्ण या उचित बताने वाला चित्रण ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देने वाली मानसिकता पैदा कर सकता है।
चिकित्सक-मरीज के विश्वास पर चिंता
आईएमए जोधपुर के अध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ राज लोढ़ा और सचिव डॉ. प्रदीप जैन ने राष्ट्रीय संगठन के पत्र की जानकारी साझा करते हुए कहा कि चिकित्सक और मरीज के बीच विश्वास प्रभावी उपचार की बुनियाद है। चिकित्सा पेशे के प्रति व्यापक अविश्वास पैदा करने वाला चित्रण इस संबंध को कमजोर कर सकता है और स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन
आईएमए ने स्पष्ट किया कि संगठन भ्रष्टाचार, अनैतिक चिकित्सा पद्धतियों और पेशेवर कदाचार का समर्थन नहीं करता। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कानूनी एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, संगठन का कहना है कि किसी व्यक्ति के कथित गलत आचरण के आधार पर पूरे चिकित्सा समुदाय को दोषी ठहराना उचित नहीं है।
मंत्रालय से निष्पक्ष समीक्षा की मांग
राष्ट्रीय आईएमए ने मंत्रालय से फिल्म की विषयवस्तु की निष्पक्ष समीक्षा कराने और फिल्म निर्माताओं से आवश्यक सुधारों पर विचार करने का अनुरोध किया है। साथ ही, लागू कानून के तहत उचित पाए जाने पर प्रतिबंध या अन्य कार्रवाई पर विचार करने की मांग भी की है।
संगठन ने रचनात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए जिम्मेदार प्रस्तुति पर जोर दिया। आईएमए के अनुसार, स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा, चिकित्सा पेशे की गरिमा और स्वास्थ्य व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखना व्यापक सामाजिक हित के लिए आवश्यक है।
Write a Response