ब्लू सिटी की पहचान बचाने के लिए युवाओं ने संभाला मोर्चा
- Posted on 22 अक्टूबर 2026
- By Rajendra Harsh
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जोधपुर। सन सिटी और ब्लू सिटी के नाम से विश्वभर में प्रसिद्ध जोधपुर की ऐतिहासिक पहचान को सहेजने के लिए अब स्थानीय युवाओं और रहवासियों ने पहल की है। भीतरी शहर के पटवा की गली, कोलरी मोहल्ला और नोवचोकिया क्षेत्र में पारंपरिक चूने और नील से जुड़ी संस्कृति को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से लोग स्वेच्छा से अपने मकानों को पारंपरिक नीले रंग में रंगवा रहे हैं। इस मुहिम का उद्देश्य शहर की प्राचीन विरासत, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना है। इस मुहिम में युवा साथी रवि पुरोहित, सूरज व्यास, विवेक बोड़ा, रमेश जी पुरोहित, कालू भा सहित पटवा की गली, कोलरी मोहल्ला और नोवचोकिया क्षेत्र के सोनू, संजू, आर्यन, चित्रेश और कुलदीप सिंह राजपुरोहित (ढंबसा) का भी योगदान रहा है। स्थानीय स्तर पर मिल रहे सहयोग से इस पहल को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
जोधपुर। सन सिटी और ब्लू सिटी के नाम से विश्वभर में प्रसिद्ध जोधपुर की ऐतिहासिक पहचान को सहेजने के लिए अब स्थानीय युवाओं और रहवासियों ने पहल की है। भीतरी शहर के पटवा की गली, कोलरी मोहल्ला और नोवचोकिया क्षेत्र में पारंपरिक चूने और नील से जुड़ी संस्कृति को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से लोग स्वेच्छा से अपने मकानों को पारंपरिक नीले रंग में रंगवा रहे हैं। इस मुहिम का उद्देश्य शहर की प्राचीन विरासत, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना है।
अपनी विरासत बचाने के लिए आगे आए युवा
जोधपुर की पहचान यहां के नीले मकानों, संकरी गलियों और पारंपरिक वास्तुकला से जुड़ी हुई है। समय के साथ कई ऐतिहासिक क्षेत्रों में इन परंपराओं का स्वरूप बदल रहा है। ऐसे में स्थानीय युवाओं और निवासियों ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए विरासत संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाया है। लोग अपने स्तर पर मकानों को नीले रंग से रंगवाकर पुरानी ब्लू सिटी की पहचान को फिर से जीवंत करने का प्रयास कर रहे हैं।
इस मुहिम में युवा साथी रवि पुरोहित, सूरज व्यास, विवेक बोड़ा, रमेश जी पुरोहित, कालू भा सहित पटवा की गली, कोलरी मोहल्ला और नोवचोकिया क्षेत्र के सोनू, संजू, आर्यन, चित्रेश और कुलदीप सिंह राजपुरोहित (ढंबसा) का भी योगदान रहा है। स्थानीय स्तर पर मिल रहे सहयोग से इस पहल को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशासन से विशेष फंड की मांग
युवाओं और स्थानीय रहवासियों का मानना है कि जोधपुर की ऐतिहासिक पहचान को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए जनभागीदारी के साथ प्रशासन का सहयोग भी जरूरी है। इसके लिए प्रशासन से विशेष फंड उपलब्ध कराने की मांग की गई है, ताकि पुराने मकानों की पारंपरिक शैली को संरक्षित करने, नीले रंग की परंपरा को बढ़ावा देने और हेरिटेज क्षेत्रों के संरक्षण के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा सके।
स्थानीय युवाओं की यह पहल संदेश देती है कि शहर की विरासत बचाने की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी है। जनसहयोग और प्रशासनिक समर्थन से जोधपुर की ब्लू सिटी वाली पहचान को नई मजबूती मिल सकती है।
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