जोधपुर। शहर में वीआईपी विजिट के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में थाईलैंड की राजकुमारी के प्रस्तावित दौरे को लेकर नई सड़क क्षेत्र में प्रशासन की सक्रियता साफ दिखाई दी। क्षेत्र में न तो ट्रैफिक जाम देखने को मिला और न ही सड़कों पर ठेलों का अतिक्रमण नजर आया। अधिकारियों के निर्देश पर सभी विभागों की त्वरित कार्रवाई से इलाके की व्यवस्था पूरी तरह से दुरुस्त दिखाई दी, जिससे आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया कि जब सिस्टम चाहे तो सब कुछ व्यवस्थित हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आम दिनों में नई सड़क सहित शहर के कई प्रमुख इलाकों में जाम, अव्यवस्थित पार्किंग और ठेलों के अतिक्रमण से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। लेकिन वीआईपी विजिट के दौरान अचानक से सड़कों का स्वरूप बदल जाना इस बात की ओर इशारा करता है कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति से व्यवस्था में बड़ा सुधार संभव है। लोगों ने सवाल उठाया कि जब कुछ घंटों या दिनों के लिए व्यवस्था इतनी बेहतर हो सकती है, तो आम जनता को रोजाना ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था का सामना क्यों करना पड़ता है।
शहरवासियों ने यह भी कहा कि पार्किंग स्थलों पर अतिक्रमण, टूटी सड़कों की समस्या और ट्रैफिक नियंत्रण की कमी लंबे समय से बनी हुई है। वीआईपी विजिट के दौरान सरकारी मशीनरी की सक्रियता से यह स्पष्ट हो जाता है कि यदि प्रशासन नियमित रूप से ऐसी सख्ती और समन्वय बनाए रखे, तो शहर की दशा और दिशा दोनों सुधर सकती हैं।
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि वीआईपी विजिट जैसी व्यवस्था केवल विशेष अवसरों तक सीमित न रहे, बल्कि आम दिनों में भी शहर को सुचारू, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि जनता को रोजमर्रा की परेशानियों से राहत मिल सके।
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