कायलाणा झील में आत्महत्या का प्रयास

जोधपुर। शहर की प्रमुख कायलाणा झील में आज सुबह करीब 11 बजे एक व्यक्ति द्वारा आत्महत्या का प्रयास किए जाने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार इमरान नामक व्यक्ति, जिसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है,

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कायलाणा झील में आत्महत्या का प्रयास, पुलिस व गोताखोरों की तत्परता से बची युवक की जान

जोधपुर। शहर की प्रमुख कायलाणा झील में आज सुबह करीब 11 बजे एक व्यक्ति द्वारा आत्महत्या का प्रयास किए जाने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार इमरान नामक व्यक्ति, जिसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है, अचानक झील के किनारे पहुंचा और देखते ही देखते पानी में कूद गया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद पुलिस चौकी के कांस्टेबल दिनेश सोडा ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत गोताखोरों को फोन कर सहायता के लिए बुलाया।

सूचना मिलते ही गोताखोर दल बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचा। गोताखोर भरत चौधरी, अर्जुन, कानाराम और किशन ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। जैसे ही इमरान पानी में कूदकर अंदर की ओर बढ़ा, गोताखोरों ने भी तुरंत झील में छलांग लगा दी। इस दौरान गोताखोर भरत चौधरी ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए इमरान के पीछे से पानी में छलांग लगाई और उसे पकड़ लिया।

काफी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने इमरान को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया। पानी से बाहर निकालते समय वह अचेत अवस्था में था, लेकिन समय रहते बचाव हो जाने से उसकी जान बच गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। बाद में एहतियातन उसे चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल भिजवाया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि कुछ मिनट की भी देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस और गोताखोरों की त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की। कांस्टेबल दिनेश सोडा की सजगता और गोताखोरों की बहादुरी से एक अनमोल जान बच सकी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इमरान की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसके परिजनों को सूचना दे दी गई है। आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि यदि किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति ठीक न लगे तो उसकी निगरानी रखें और समय रहते प्रशासन या पुलिस को सूचना दें।

यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि पुलिस और आपदा राहत से जुड़े कर्मियों की तत्परता और मानवीय संवेदना समाज के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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