रेलवे: 85 फीसदी वाटर टैंक साफ, 98.73 फीसदी पानी जांच में खरा
- Posted on 5 अक्टूबर 2026
- जोधपुर
- By Rajendra Harsh
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जोधपुर। रेलवे के विशेष स्वच्छता अभियान के तहत जोधपुर मंडल में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए व्यापक स्तर पर सफाई और गुणवत्ता जांच अभियान चलाया जा रहा है। मंडल में अब तक 85 फीसदी वाटर टैंकों की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि शेष 15 फीसदी टैंकों की सफाई का कार्य तेजी से जारी है। पेयजल की गुणवत्ता जांच में अब तक लिए गए 98.73 फीसदी जल नमूने निर्धारित मानकों पर खरे पाए गए हैं। मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि 17 अगस्त से चल रहे विशेष अभियान के तहत नियमित सफाई के साथ वाटर टैंकों की विशेष सफाई और डिसइन्फेक्शन कराया जा रहा है। इस दौरान टैंकों से गाद निकालने, स्क्रबिंग और कीटाणुशोधन के अलावा ढक्कन, वेंट और ओवरफ्लो पाइंट की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। खुले जल स्रोतों को जाली या नेटिंग से ढकने की व्यवस्था भी की जा रही है।
जोधपुर। रेलवे के विशेष स्वच्छता अभियान के तहत जोधपुर मंडल में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए व्यापक स्तर पर सफाई और गुणवत्ता जांच अभियान चलाया जा रहा है। मंडल में अब तक 85 फीसदी वाटर टैंकों की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि शेष 15 फीसदी टैंकों की सफाई का कार्य तेजी से जारी है। पेयजल की गुणवत्ता जांच में अब तक लिए गए 98.73 फीसदी जल नमूने निर्धारित मानकों पर खरे पाए गए हैं।
मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि 17 अगस्त से चल रहे विशेष अभियान के तहत नियमित सफाई के साथ वाटर टैंकों की विशेष सफाई और डिसइन्फेक्शन कराया जा रहा है। इस दौरान टैंकों से गाद निकालने, स्क्रबिंग और कीटाणुशोधन के अलावा ढक्कन, वेंट और ओवरफ्लो पाइंट की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। खुले जल स्रोतों को जाली या नेटिंग से ढकने की व्यवस्था भी की जा रही है।
पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जल स्रोत से लेकर यात्रियों को पानी उपलब्ध होने वाले स्थान तक नियमित जांच की जा रही है। उत्तर पश्चिम रेलवे स्तर पर अब तक 7,376 अवशिष्ट क्लोरीनीकरण, 887 जैविक और 413 रासायनिक परीक्षण किए गए हैं। पूरे जोन में 20,800 से अधिक वाटर टैंकों की सफाई पूरी हो चुकी है। अजमेर, जयपुर और बीकानेर मंडलों में टैंकों की सफाई का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है।
जोधपुर मंडल में वाटर कूलर, फिल्टर, वाटर बूथ, नल और जल वितरण स्थलों की भी जांच की जा रही है। किसी तरह की खामी मिलने पर टैंक, पाइपलाइन और फिल्टर की मरम्मत या आवश्यकतानुसार बदलाव किया जा रहा है।
त्रिपाठी ने कहा कि यात्रियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना मंडल की प्राथमिकता है। अभियान के तहत सफाई के साथ पानी की गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि स्वच्छता और पेयजल सुरक्षा के मानक लगातार बनाए रखे जा सकें।
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