श्री अचलनाथ महादेव मंदिर में शिव महापुराण कथा का भव्य आयोजन 14 से 21 दिसंबर तक
- Posted on December 14, 2025
- जोधपुर
- By Rajendra Harsh
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जोधपुर।
श्री अचलनाथ महादेव मंदिर में आगामी दिनों में धार्मिक आस्था और भक्ति से ओतप्रोत शिव महापुराण कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन दिनांक 14 दिसंबर 2025 से 20 दिसंबर 2025 तक प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से सायं 5 बजे तक आयोजित होगा। कथा का वाचन श्री मुनेश्वर गिरी महाराज के सानिध्य में संपन्न होगा, जिससे क्षेत्र के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
श्री अचलनाथ महादेव मंदिर में शिव महापुराण कथा का भव्य आयोजन 14 से 21 दिसंबर तक
जोधपुर।
श्री अचलनाथ महादेव मंदिर में आगामी दिनों में धार्मिक आस्था और भक्ति से ओतप्रोत शिव महापुराण कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन दिनांक 14 दिसंबर 2025 से 20 दिसंबर 2025 तक प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से सायं 5 बजे तक आयोजित होगा। कथा का वाचन श्री मुनेश्वर गिरी महाराज के सानिध्य में संपन्न होगा, जिससे क्षेत्र के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
आयोजन समिति की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, शिव महापुराण कथा के माध्यम से भगवान शिव के जीवन, लीलाओं और उनके दिव्य संदेशों का विस्तृत वर्णन किया जाएगा। कथा श्रवण से भक्तों को आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन में धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलेगी। प्रतिदिन कथा के दौरान भजन, आरती और धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न होंगे।
इसके पश्चात 21 दिसंबर 2025 को विशेष हवन पूजन का आयोजन किया जाएगा, जो प्रातः 11 बजे से प्रारंभ होगा। यह हवन पूजन (शचि केसर) द्वारा संपन्न कराया जाएगा। हवन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की जाएगी।
श्री अचलनाथ महादेव मंदिर में होने वाले इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है। मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया जा रहा है और आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आयोजन समिति द्वारा सुरक्षा, स्वच्छता और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
मंदिर प्रबंधन एवं आयोजन समिति ने सभी भक्तजनों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पधार कर शिव महापुराण कथा श्रवण एवं हवन पूजन का पुण्य लाभ प्राप्त करें। समिति का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में सद्भाव, आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं।
यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक एकता को भी सुदृढ़ करने का कार्य करेगा। श्रद्धालु परिवार सहित इस पावन अवसर का लाभ उठाने के लिए उत्सुक नजर आ रहे हैं।
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