मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 05:52 AM

शारदीय नवरात्र आज से शुरू

शारदीय नवरात्र का पावन पर्व आज 11 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक उत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होने वाले नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। इस दौरान मंदिरों और घरों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान होंगे तथा भक्त माता की आराधना कर सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करेंगे।नवरात्र को शक्ति की उपासना और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। इन नौ दिनों में मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।

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  1. शारदीय नवरात्र का पावन पर्व आज 11 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक उत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होने वाले नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। इस दौरान मंदिरों और घरों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान होंगे तथा भक्त माता की आराधना कर सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करेंगे।

    बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक

    हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्र का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस का वध कर देवताओं और पृथ्वीवासियों को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। इसी कारण नवरात्र को शक्ति की उपासना और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। इन नौ दिनों में मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।

    कलश स्थापना के साथ होगी पूजा की शुरुआत

    नवरात्र के पहले दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना की जाती है। श्रद्धालु घरों और मंदिरों में घट स्थापना कर मां दुर्गा का आह्वान करते हैं। कई भक्त नौ दिनों तक व्रत रखते हैं और दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं। इस दौरान सात्विक भोजन, भजन-कीर्तन और धार्मिक गतिविधियों का विशेष महत्व रहता है।

    अष्टमी-नवमी पर कन्या पूजन, दसवें दिन दशहरा

    नवरात्र के दौरान अष्टमी या नवमी पर कन्या पूजन किया जाता है। छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है और भोजन कराकर उपहार दिए जाते हैं। नवरात्र के समापन के बाद विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाता है, जो भगवान श्रीराम द्वारा रावण के वध और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है।

    देशभर में नवरात्र के दौरान धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। गुजरात में गरबा और डांडिया की धूम रहेगी, वहीं पश्चिम बंगाल में भव्य दुर्गा पूजा पंडाल आकर्षण का केंद्र बनेंगे।

     
     
     
     
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Author
Rajendra Harsh
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