सिंह पोल में शुरू हुई “सेव ब्लूसिटी, सेव आवर आइडेंटिटी

जोधपुर। ऐतिहासिक धरोहरों और अपनी विशिष्ट पहचान के लिए विश्वविख्यात जोधपुर की “ब्लूसिटी” छवि को पुनः जीवंत करने के उद्देश्य से सिंह पोल क्षेत्र में एक सराहनीय पहल शुरू की गई है। क्षेत्र के युवाओं द्वारा “सेव ब्लूसिटी, सेव आवर आइडेंटिटी” नामक अभियान की शुरुआत करते हुए घरों को फिर से पारंपरिक नीले रंग में रंगने का कार्य प्रारंभ किया गया है

 

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सिंह पोल में शुरू हुई “सेव ब्लूसिटी, सेव आवर आइडेंटिटी” मुहिम
युवाओं ने बढ़ाया कदम – शहर की पहचान बचाने की अनोखी पहल

जोधपुर। ऐतिहासिक धरोहरों और अपनी विशिष्ट पहचान के लिए विश्वविख्यात जोधपुर की “ब्लूसिटी” छवि को पुनः जीवंत करने के उद्देश्य से सिंह पोल क्षेत्र में एक सराहनीय पहल शुरू की गई है। क्षेत्र के युवाओं द्वारा “सेव ब्लूसिटी, सेव आवर आइडेंटिटी” नामक अभियान की शुरुआत करते हुए घरों को फिर से पारंपरिक नीले रंग में रंगने का कार्य प्रारंभ किया गया है। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य समय के साथ फीकी पड़ती जोधपुर की नीली पहचान को संजोना और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना है।

अभियान की शुरुआत सिंह पोल क्षेत्र के युवाओं नीलेश सोनी, प्रेम जोशी, पीयूष शर्मा, हर्षित तंबोली, हिमांशु शर्मा, विशाल जसमतिया, दर्शन लूणावत, दीपक सोनी, चिराग सोनी, मयंक शर्मा और अर्पित शर्मा द्वारा की गई। युवाओं ने स्वयं आगे बढ़कर अपने घरों की दीवारों को नीले रंग से रंगना शुरू किया और आसपास के लोगों को भी इस पहल से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

युवाओं का कहना है कि ब्लूसिटी की पहचान केवल एक रंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जोधपुर के इतिहास, संस्कृति, परंपरा और सौंदर्य का प्रतीक है। आधुनिकता और नए निर्माण के चलते यह पहचान धीरे-धीरे कम होती जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए युवाओं ने तय किया कि वे अपने स्तर पर इस विरासत को बचाने का प्रयास करेंगे।

अभियान को स्थानीय नागरिकों और क्षेत्रवासियों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है। लोगों का मानना है कि यदि इस तरह की पहल को निरंतरता दी जाए और अन्य क्षेत्रों में भी इसे अपनाया जाए, तो जोधपुर की पुरानी और प्रसिद्ध नीली छवि एक बार फिर लौट सकती है। स्थानीय नागरिकों ने युवाओं के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे शहर की सांस्कृतिक पहचान को बचाने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बताया है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह मुहिम न केवल जोधपुर की पहचान को मजबूत करेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देगी। “सेव ब्लूसिटी, सेव आवर आइडेंटिटी” अभियान अब शहर के लिए एक नई उम्मीद और प्रेरणा बनकर उभर रहा है।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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