साझा साहित्य संकलन मीरा और मोहन का लोकार्पण किया गया
- Posted on 12 अक्टूबर 2026
- सामान्य समाचार
- By Rajendra Harsh
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‘मीरा और मोहन’ का लोकार्पण
वक्ता बोले- मोहन को पाने के लिए जहर का प्याला पीना पड़ता है
-डॉ. मदन सावित्री डागा साहित्य भवन नेहरू पार्क में साझा साहित्य संकलन मीरा और मोहन का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी पवन कुमार जोशी ने कहा कि आज पढ़ने की आदत खत्म हो रही है। युवा पीढ़ी को शब्दों के संस्कार और स्वाध्याय पर जोर देना होगा। उन्होंने युवा पीढ़ी का आह्वान किया कि आगे बढ़ने के लिए मेहनत और समर्पण दिखाएं। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद् डॉ. अरविंद कुमार पुरोहित ने कहा कि मीरा भक्ति की पराकाष्ठा है। जब भक्ति चरम पर होती है और नारायण को आना ही पड़ता है। समाजसेवी परमानंद केसानी ने कहा कि यह पुस्तक भक्ति, शक्ति और विचारों का पुंज है।
‘मीरा और मोहन’ का लोकार्पण
वक्ता बोले- मोहन को पाने के लिए जहर का प्याला पीना पड़ता है
-डॉ. मदन सावित्री डागा साहित्य भवन नेहरू पार्क में साझा साहित्य संकलन मीरा और मोहन का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी पवन कुमार जोशी ने कहा कि आज पढ़ने की आदत खत्म हो रही है। युवा पीढ़ी को शब्दों के संस्कार और स्वाध्याय पर जोर देना होगा। उन्होंने युवा पीढ़ी का आह्वान किया कि आगे बढ़ने के लिए मेहनत और समर्पण दिखाएं।
स्वागत उद्बोधन में समाजसेवी निरूपा पटवा ने कहा कि जब कोई कार्य आरंभ किया जाता है तो प्रकृति भी परीक्षा लेती है। मैं दिलीप जी को शुभकामना देती हूं कि उन्होंने जो बीड़ा उठाया है, उसमें सफल हो।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद् डॉ. अरविंद कुमार पुरोहित ने कहा कि मीरा भक्ति की पराकाष्ठा है। जब भक्ति चरम पर होती है और नारायण को आना ही पड़ता है। समाजसेवी परमानंद केसानी ने कहा कि यह पुस्तक भक्ति, शक्ति और विचारों का पुंज है। अध्यक्षीय उद्बोधन में वरिष्ठ अधिवक्ता एनडी निम्बावत ने कहा कि मीरा के बारे में बहुत कुछ कहा जा सकता है, मगर मीरा को लोग भूलते जा रहे हैं। इस साझा संकलन में मीरा के बहुआयामी व्यक्तित्व का दिग्दर्शन होता है। पुस्तक के प्रबंध संपादक दिलीप कुमार पुरोहित ने आभार जताया।
आरंभ में राखी पुरोहित ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। साझा संकलन की प्रधान संपादक नीलम व्यास स्वयंसिद्धा, सह संपादक राखी पुरोहित और संरक्षक एनडी निम्बावत सागर है। कार्यक्रम का सफल संचालन आनंद प्रकाश कल्ला ने किया। इस मौके पर सुमनेश व्यास, दिलीप केसानी, अशफाक अहमद फौजदार, पंकज बिंदास, चरणजीत सिंह छाबड़ा, योगेश लोहिया, केवलचंद कोठारी, जुगल किशोर सारस्वत, बसंती पंवार, सुधा गर्ग, डॉ. छगनराज राव, डॉ. दीपा परिहार, श्याम गुप्ता शान्त, असरार आहिल और चंद्रशेखर, कमल शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।
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