चालिया महोत्सव में कोटा से पहुंचे संत श्यामलाल का जोधपुर में भव्य स्वागत

जोधपुर, 1 जुलाई। चौपासनी रोड स्थित ज्वाला विहार के झूलेलाल मार्ग पर नवनिर्मित श्री प्रेम प्रकाश आश्रम में चल रहे 40 दिवसीय चालिया महोत्सव के तहत बुधवार को कोटा से पधारे संत श्यामलाल का प्रेम प्रकाश मंडली, जोधपुर द्वारा पुष्पवर्षा के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर आयोजित भजन एवं सत्संग में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भक्ति रस में सराबोर रहे। प्रेम प्रकाश मंडल के संस्थापक स्वामी टेऊराम महाराज की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित यह 40 दिवसीय चालिया महोत्सव 9 जून से शुरू होकर 19 जुलाई तक देश-विदेश में श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया जा रहा है

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जोधपुर, 1 जुलाई। चौपासनी रोड स्थित ज्वाला विहार के झूलेलाल मार्ग पर नवनिर्मित श्री प्रेम प्रकाश आश्रम में चल रहे 40 दिवसीय चालिया महोत्सव के तहत बुधवार को कोटा से पधारे संत श्यामलाल का प्रेम प्रकाश मंडली, जोधपुर द्वारा पुष्पवर्षा के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर आयोजित भजन एवं सत्संग में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भक्ति रस में सराबोर रहे।

प्रेम प्रकाश मंडल के संस्थापक स्वामी टेऊराम महाराज की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित यह 40 दिवसीय चालिया महोत्सव 9 जून से शुरू होकर 19 जुलाई तक देश-विदेश में श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। महोत्सव के 23वें दिन संत जीतू राम ने बताया कि शाम को संत श्यामलाल ने भजन एवं सत्संग के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया।

संत श्यामलाल ने अपने प्रवचन में सनातन धर्म, सत्संग और गुरु महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवन में मोक्ष एवं आवागमन के चक्र से मुक्ति पाने के लिए गुरु की शरण सबसे श्रेष्ठ मार्ग है। उन्होंने मानव जीवन के कल्याण के लिए ईश्वर भक्ति, सत्संग और सदाचार को आवश्यक बताते हुए नियमित नाम-स्मरण और भजन करने का संदेश दिया।

संत जीतू राम ने बताया कि चालिया महोत्सव के आगामी दिनों में विभिन्न धार्मिक एवं सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 15 जुलाई को माला प्रतियोगिता होगी। 16 जुलाई को ब्राह्मण भोज, महापुरुषों का सम्मान भोज तथा शाम को महाआरती का आयोजन किया जाएगा। 17 जुलाई को प्रातः कन्या भोज एवं शाम को गुरु भक्ति के विशेष कार्यक्रम होंगे।

उन्होंने बताया कि 18 जुलाई को अन्नदान सेवा, सुंदर झांकियों के दर्शन तथा शाम को 56 भोग का आयोजन होगा, जिसमें श्री गुरु महाराज को 140 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाएगा। वहीं 19 जुलाई को महोत्सव के अंतिम दिन सुबह 8 बजे से रात्रि 11 बजे तक अखंड अन्नदान सेवा, श्रीमद्भगवद्गीता एवं श्री प्रेम प्रकाश ग्रंथ के पाठों का समापन, प्रतियोगिताओं के विजेताओं का सम्मान, सत्संग, भंडारा, बधाई गीत तथा पल्लव की रस्म के साथ चालिया महोत्सव का भव्य समापन किया जाएगा।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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