RSPCB की सख्त कार्रवाई

जोधपुर। पर्यावरणीय नियमों की पालना सुनिश्चित करने और प्रदूषणकारी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB) की ओर से लगातार निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जोजरी नदी को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना में RSPCB, जोधपुर ग्रामीण और उपखंड प्रशासन शेरगढ़ की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण कर अवैध रूप से संचालित टेक्सटाइल गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की। क्षेत्रीय अधिकारी जगदीश चौधरी ने बताया कि अधीक्षण वैज्ञानिक अधिकारी, तहसीलदार शेरगढ़ और विद्युत विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने विभिन्न परिसरों का निरीक्षण किया।

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जोधपुर। पर्यावरणीय नियमों की पालना सुनिश्चित करने और प्रदूषणकारी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB) की ओर से लगातार निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जोजरी नदी को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना में RSPCB, जोधपुर ग्रामीण और उपखंड प्रशासन शेरगढ़ की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण कर अवैध रूप से संचालित टेक्सटाइल गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की।

क्षेत्रीय अधिकारी जगदीश चौधरी ने बताया कि अधीक्षण वैज्ञानिक अधिकारी, तहसीलदार शेरगढ़ और विद्युत विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने विभिन्न परिसरों का निरीक्षण किया। इस दौरान राजस्व ग्राम मीरपुरा और इस्लामपुरा के खसरा संख्या 1877, 878, 1844 और 1890 सहित अन्य स्थानों पर बिना वैध अनुमति एवं सहमति के टेक्सटाइल गतिविधियां संचालित होना पाया गया।

निरीक्षण के दौरान मौके पर वॉशिंग होद, जिगर और अन्य मशीनरी के माध्यम से कपड़े की धुलाई, डाइंग और टेक्सटाइल प्रसंस्करण का काम किया जा रहा था। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वॉशिंग होदों और अन्य टेक्सटाइल मशीनरी को ध्वस्त कराया। साथ ही संबंधित विद्युत कनेक्शन भी विच्छेद करवाए गए। टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य और संबंधित विवरण भी जुटाए हैं, जिनके आधार पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार टेक्सटाइल प्रसंस्करण से निकलने वाले अपशिष्ट और दूषित पानी के अनधिकृत निस्तारण से जोजरी नदी एवं अन्य जल स्रोतों के प्रदूषित होने की आशंका रहती है। इसी को देखते हुए नदी और उसके प्रवाह क्षेत्र में प्रदूषणकारी गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

क्षेत्रीय अधिकारी चौधरी ने कहा कि बिना अनुमति प्रदूषणकारी गतिविधियों का संचालन या पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में जल अधिनियम 1974, वायु अधिनियम 1981 और अन्य संबंधित पर्यावरणीय कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। राजस्व विभाग द्वारा संबंधित खातेदारों के खातेदारी अधिकार निरस्त करने के संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

RSPCB ने स्पष्ट किया कि पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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Author
Rajendra Harsh
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