राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का लोकार्पण किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर लखनऊ में भव्य ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री ने इस स्थल को राष्ट्रवादी विचारधारा और भारतीय लोकतंत्र के मूल्यों का प्रतीक बताया।

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लखनऊ, 25 दिसंबर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर लखनऊ में भव्य ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री ने इस स्थल को राष्ट्रवादी विचारधारा और भारतीय लोकतंत्र के मूल्यों का प्रतीक बताया।

राष्ट्र प्रेरणा स्थल में जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, भारतीय जनसंघ के प्रमुख विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 65 फीट ऊंची भव्य कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। ये प्रतिमाएं देश के तीन महान राष्ट्रनायकों के विचार, त्याग और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को दर्शाती हैं। स्थल का निर्माण आधुनिक स्थापत्य और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के समन्वय से किया गया है।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन लोकतंत्र, सुशासन और समावेशी विकास का आदर्श उदाहरण रहा है। उन्होंने कहा कि अटल जी ने राजनीति में शुचिता, संवेदनशीलता और संवाद की परंपरा को मजबूत किया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार आज भी देश की नीतियों और योजनाओं को दिशा दे रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र प्रेरणा स्थल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा और युवाओं को राष्ट्र सेवा, एकात्म मानववाद और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करेगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की सराहना करते हुए कहा कि इस स्थल के माध्यम से लखनऊ को एक नई पहचान मिली है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्र प्रथम की भावना का प्रतीक था। समारोह के अंत में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रनायकों के विचारों और योगदान को प्रस्तुत किया गया।

 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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