अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ इस वर्ष 31 दिसंबर को भव्य रूप से मनाई जाएगी। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जानकारी दी है कि यह दिवस ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ के रूप में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर राम मंदिर परिसर में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रस्तावित है, जिसमें श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के शामिल होने की संभावना है।
ट्रस्ट के अनुसार, इस विशेष दिन मंदिर परिसर में स्थित सात उप-मंदिरों के शिखरों पर ध्वज फहराने का कार्यक्रम प्रमुख आकर्षण होगा। यह आयोजन वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न किया जाएगा। ध्वजारोहण को मंदिर निर्माण और धार्मिक परंपराओं की निरंतरता का प्रतीक माना जा रहा है। इसके साथ ही विशेष पूजा-अर्चना, हवन और भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो सकते हैं। दोनों नेताओं की उपस्थिति को लेकर प्रशासन और ट्रस्ट स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। हालांकि, उनकी उपस्थिति की औपचारिक पुष्टि अभी बाकी है। यदि दोनों नेता शामिल होते हैं, तो कार्यक्रम की भव्यता और राष्ट्रीय महत्व और बढ़ जाएगा।
राम मंदिर ट्रस्ट ने बताया कि सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन के साथ समन्वय किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यातायात, दर्शन व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, अयोध्या नगर को सजाया जाएगा और मंदिर परिसर को विशेष रूप से अलंकृत किया जाएगा।
गौरतलब है कि राम मंदिर की पहली प्राण प्रतिष्ठा ने न केवल अयोध्या बल्कि पूरे देश में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व स्थापित किया था। दूसरी वर्षगांठ का यह आयोजन उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्रद्धा, आस्था और राष्ट्रीय एकता का संदेश देगा। ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ के रूप में मनाया जाने वाला यह दिन आने वाले वर्षों में भी राम मंदिर से जुड़ा एक महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर बनने की उम्मीद है
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