राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को दी औपचारिक स्वागत-सम्मान

  • Posted on December 5, 2025
  • खास
  • By Rajendra Harsh
  • 13 Views

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन में रूस के राष्ट्रपति महामहिम व्लादिमीर पुतिन को भव्य और पारंपरिक औपचारिक स्वागत प्रदान किया।

WhatsApp Image 2025-12-05 at 5.24.34 PM-NQJWCAScBf.jpeg

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन में रूस के राष्ट्रपति महामहिम व्लादिमीर पुतिन को भव्य और पारंपरिक औपचारिक स्वागत प्रदान किया। भारत आगमन पर आयोजित इस विशेष समारोह में राष्ट्रपति मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त रूप से पुतिन का स्वागत किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर तीनों सेनाओं की टुकड़ियों ने औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया।

राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित इस स्वागत समारोह में सैन्य बैंड ने राष्ट्रगान की धुनें बजाईं, जिसके बाद राष्ट्रपति मुर्मु ने पुतिन का परिचय भारतीय मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्यों और अन्य गणमान्य अतिथियों से कराया। इसके पश्चात राष्ट्रपति पुतिन ने भी अपने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का परिचय भारतीय नेतृत्व से करवाया।

समारोह के दौरान दोनों देशों के राष्ट्रीय ध्वजों से सुसज्जित राष्ट्रपति भवन का प्रांगण भारत-रूस के दीर्घकालिक रणनीतिक संबंधों की गर्मजोशी और साझेदारी का साक्षी बना। भारत और रूस के बीच दशकों से चली आ रही मित्रता, रक्षा सहयोग, ऊर्जा साझेदारी, अंतरिक्ष विज्ञान, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में गहरे संबंध इस मुलाकात में और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।

राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत के बाद राष्ट्रपति पुतिन ने निरीक्षण पंक्ति पर जाकर गार्ड ऑफ ऑनर का अवलोकन किया। इस दौरान सैनिकों ने पारंपरिक सैन्य अनुशासन और परेड कौशल का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के बाद रूस के राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति मुर्मु और प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा के लिए रवाना हुए। माना जा रहा है कि भारत-रूस के बीच इस उच्चस्तरीय मुलाकात में रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, नौवहन, व्यापारिक संतुलन, विज्ञान-तकनीक, किसानों के लिए उर्वरक आपूर्ति, और वैश्विक व क्षेत्रीय शांति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत वार्ता होगी।

इस स्वागत समारोह ने यह संदेश स्पष्ट किया कि भारत और रूस के संबंध आपसी सम्मान, भरोसा तथा समान हितों पर आधारित हैं और दोनों देश भविष्य में भी वैश्विक मंच पर एक-दूसरे के महत्वपूर्ण साझेदार बने रहेंगे।

0
Author
Rajendra Harsh
Author
Rajendra Harsh

Write a Response