पीपाड़ के दीपेश कच्छावाह ने जेईई मेन में 99.59 स्कोर किया हासिल।

पीपाड़ शहर के प्रतिभाशाली छात्र दीपेश कच्छावाह ने जेईई मेन 2026 (सेशन-1) में 99.59 NTA स्कोर प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। दीपेश ने अपनी शिक्षा आर के पैराडाईज स्कूल से प्राप्त की। उनके पिता पीपाड़ बिजलीघर में कार्यरत हैं तथा माता ग्रहणी हैं। सफलता पर समाजजनों ने उनका स्वागत कर मिठाई खिलाकर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। वे वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूर्व नगरपालिका चेयरमैन स्व. बचनाराम कच्छावाह के पड़पौत्र हैं।

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पीपाड़। पीपाड़ शहर के प्रतिभाशाली छात्र दीपेश कच्छावाह ने जेईई मेन 2026 (सेशन-1) में 99.59 एनटीए स्कोर प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि से शहर में खुशी का माहौल है और समाजजनों ने उन्हें बधाइयां देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामनाएं की हैं।

दीपेश ने अपनी प्रारंभिक एवं स्कूली शिक्षा आर के पैराडाईज स्कूल से प्राप्त की। शुरू से ही मेधावी रहे दीपेश ने नियमित अध्ययन, अनुशासन और कड़ी मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को दिया है, जिनके निरंतर सहयोग और प्रेरणा से वे इस परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सके।

दीपेश के पिता पीपाड़ के बिजलीघर में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। साधारण परिवार से होने के बावजूद दीपेश ने यह सिद्ध कर दिया कि मेहनत और लगन के बल पर कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उनकी सफलता से क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिली है।

उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों, रिश्तेदारों और समाज के लोगों ने उनका स्वागत किया। कई स्थानों पर उनका सम्मान किया गया और मिठाई खिलाकर खुशी जताई गई। लोगों ने कहा कि दीपेश ने पीपाड़ का गौरव बढ़ाया है और आने वाले समय में वे और भी ऊंचाइयों को छुएंगे।

दीपेश वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूर्व नगरपालिका चेयरमैन स्वर्गीय बचनाराम कच्छावाह के पड़पौत्र हैं। परिवार में पहले से ही समाजसेवा और शिक्षा का वातावरण रहा है, जिसका सकारात्मक प्रभाव दीपेश के जीवन में भी देखने को मिला है।

अब दीपेश का लक्ष्य देश के प्रतिष्ठित संस्थान में प्रवेश लेकर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देना है। उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों के छात्र भी बड़े सपने साकार कर सकते हैं।

 
 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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