अभिभावक बच्चों पर सपने न थोपें

  • Posted on 20 जुलाई 2026
  • By Rajendra Harsh
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जोधपुर। नीट-यूजी 2026 के परिणाम के बाद मेडिकल शिक्षा और विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। रोटरी क्लब की ओर से सोमवार को गौरव पथ स्थित क्लब परिसर में आयोजित "करियर गाइडेंस एंड बियॉन्ड" विषयक पत्रकार वार्ता में शहर के वरिष्ठ चिकित्सकों ने अभिभावकों से बच्चों पर डॉक्टर बनने का दबाव नहीं डालने और उनकी वास्तविक क्षमता के अनुसार करियर चुनने की सलाह दी। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राम गोयल ने कहा कि इस वर्ष नीट परीक्षा में करीब 22 लाख विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनमें लगभग 11 लाख सफल हुए, लेकिन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में केवल करीब एक लाख सीटें उपलब्ध हैं।

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जोधपुर। नीट-यूजी 2026 के परिणाम के बाद मेडिकल शिक्षा और विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। रोटरी क्लब की ओर से सोमवार को गौरव पथ स्थित क्लब परिसर में आयोजित "करियर गाइडेंस एंड बियॉन्ड" विषयक पत्रकार वार्ता में शहर के वरिष्ठ चिकित्सकों ने अभिभावकों से बच्चों पर डॉक्टर बनने का दबाव नहीं डालने और उनकी वास्तविक क्षमता के अनुसार करियर चुनने की सलाह दी।

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राम गोयल ने कहा कि इस वर्ष नीट परीक्षा में करीब 22 लाख विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनमें लगभग 11 लाख सफल हुए, लेकिन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में केवल करीब एक लाख सीटें उपलब्ध हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में विद्यार्थी निजी या विदेशी मेडिकल कॉलेजों की ओर रुख करते हैं। उन्होंने कहा कि कई छात्र एजेंटों के झांसे में आकर करोड़ों रुपये खर्च कर विदेश से एमबीबीएस करते हैं, लेकिन भारत लौटने पर अनिवार्य एफएमजी परीक्षा में इस बार भी सफलता दर मात्र 13 प्रतिशत रही। इससे अनेक छात्रों का भविष्य संकट में पड़ जाता है, जिससे अवसाद, मानसिक तनाव और नशे जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।

डॉ. गोयल ने कहा कि अभिभावक अपनी अधूरी इच्छाएं बच्चों पर न थोपें। हर बच्चा डॉक्टर बनने के लिए नहीं बना है। उसकी प्रतिभा और रुचि को पहचानकर सही दिशा देना ही उसकी सफलता की कुंजी है।

वसुंधरा अस्पताल के निदेशक डॉ. संजय मकवाना ने कहा कि विदेश से पढ़कर लौटने वाले असफल विद्यार्थियों को कई बार कम वेतन वाली नौकरियों में काम करना पड़ता है, जिससे उनका आत्मविश्वास प्रभावित होता है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के अध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ लोढ़ा ने कहा कि सफलता का अर्थ केवल डॉक्टर बनना नहीं है। देश में अनेक ऐसे क्षेत्र हैं, जहां युवा अपनी प्रतिभा के बल पर उत्कृष्ट करियर बना सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से विदेशी एजेंटों के बहकावे में न आने और किसी भी निर्णय से पहले विशेषज्ञों से परामर्श लेने की अपील की।

रोटरी क्लब के अध्यक्ष डॉ. शरद पटवर्धन ने सरकार से फर्जी मेडिकल एजेंटों पर सख्त कार्रवाई, मीडिया से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) और विदेश मंत्रालय की आधिकारिक सलाह का व्यापक प्रचार-प्रसार तथा अभिभावकों से जल्दबाजी में किसी एजेंट को भुगतान नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य किसी के कमीशन का माध्यम नहीं बनना चाहिए।

पत्रकार वार्ता में क्लब सचिव अनिल भंडारी, विनोद भाटिया, महेंद्र सिंह राजपुरोहित, अमित पाराशर सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

 
 
 
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