ऑपरेशन “थर्ड चैप्टर” : 10 साल से फरार 25 हजार का इनामी तस्कर एटीएस-एएनटीएफ के शिकंजे में
जोधपुर। अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन थर्ड चैप्टर” के तहत एटीएस व एएनटीएफ ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 10 साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी कुख्यात तस्कर मोहम्मद ईमरान को गिरफ्तार कर लिया है। नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में चल रही कार्रवाई में यह गिरफ्तारी एक अहम कड़ी मानी जा रही है।
एटीएस-एएनटीएफ के महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एम.एन. के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में गठित टीम लगातार अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रहार कर रही है। अभियान के तहत न केवल नशे के कारोबारियों को गिरफ्तार किया जा रहा है, बल्कि लंबे समय से फरार चल रहे इनामी तस्करों को भी पकड़कर सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है।
इसी क्रम में चित्तौड़गढ़ जिले के बड़ी सादड़ी थाना क्षेत्र का निवासी मोहम्मद ईमरान पुत्र खुर्शीद अहमद, जो पिछले 10 वर्षों से फरार चल रहा था, को कपासन थाना क्षेत्र से दस्तयाब किया गया। आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह पुलिस की गिरफ्त से लगातार बचता फिर रहा था।
पुलिस के अनुसार आरोपी मोहम्मद ईमरान ने 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद राजसमंद कॉलेज से आईटीआई की पढ़ाई की थी। इसके बाद उसने बड़ी सादड़ी में मोटर गैराज खोलकर वाहन मरम्मत का काम शुरू किया। इसी दौरान उसकी मुलाकात लक्ष्मीपुरा निवासी प्रहलाद धाकड़ से हुई, जो अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त था। प्रहलाद ने अधिक मुनाफे का लालच देकर ईमरान को अपने जाल में फंसा लिया।
वर्ष 2015 में आरोपी मोहम्मद ईमरान अपने साथियों प्रहलाद धाकड़ और वसनाराम पुरोहित के साथ अफीम के दूध की तस्करी में शामिल था। उस दौरान जालौर जिले के रानीवाड़ा थाना पुलिस ने वसनाराम पुरोहित को मादक पदार्थ सहित गिरफ्तार कर लिया था, जबकि ईमरान मौके से फरार हो गया और तभी से फरारी काट रहा था।
अब एटीएस-एएनटीएफ की सतत कार्रवाई के चलते आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
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