नागौर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को नागौर कोतवाली थाने में तैनात सहायक उप निरीक्षक चेनाराम को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोपी एएसआई ने परिवादी से उसके भाई के खिलाफ दर्ज प्रकरण में पुलिस रिमांड अवधि नहीं बढ़ाने और मुकदमे में मदद करने की एवज में 40 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी।
एसीबी महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि 23 सितंबर को एसीबी चौकी नागौर में शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि चेनाराम द्वारा परिवादी से उसके भाई के खिलाफ दर्ज प्रकरण संख्या 115/2026 में पीसी रिमांड की अवधि नहीं बढ़ाने और मामले में मदद करने के लिए रिश्वत मांगी जा रही है।
शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा रिश्वत की मांग करना पाया गया। सत्यापन में आरोपी ने 5 हजार रुपए रिश्वत राशि प्राप्त की थी। इसके बाद 15 हजार रुपए और मांगकर 10 हजार रुपए की रिश्वत राशि लेना तय किया गया। रिश्वत की राशि चाय की थड़ी के काउंटर पर रखवाकर लेने की बात भी तय हुई।
इसके बाद अजमेर एसीबी रेंज के उप महानिरीक्षक नारायण टोगस के सुपरविजन में नागौर एसीबी चौकी की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कल्पना सोलंकी के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई की गई। उप अधीक्षक पुलिस रमेश चन्द्र माचरा की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी चेनाराम को परिवादी से 10 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ और आगे की कार्रवाई जारी है। एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया है।
एसीबी ने आमजन से भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 1064 और व्हाट्सऐप हेल्पलाइन 94135-02834 पर 24 घंटे संपर्क करने की अपील की है।
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