मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 10:12 AM

मंडोर सुपरफास्ट में टीटीई की तत्परता से दो नाबालिग बच्चों को मिला सुरक्षित सहारा

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में टिकट जांच के दौरान टीटीई की सजगता से घर से बिना बताए निकले दो नाबालिग बच्चों को सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाया गया। दोनों बच्चे बिना टिकट मंडोर सुपरफास्ट ट्रेन में यात्रा कर रहे थे। टीटीई ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन और रेलवे कंट्रोल को सूचना दी। जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया कि टीटीई अमित कुमार ट्रेन संख्या 22491 जोधपुर-दिल्ली मंडोर सुपरफास्ट में टिकट जांच कर रहे थे। इस दौरान डेगाना और मकराना के बीच एस-3 कोच में दो नाबालिग बच्चे मिले। टिकट जांच के दौरान दोनों के पास यात्रा संबंधी कोई टिकट नहीं मिला।

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जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में टिकट जांच के दौरान टीटीई की सजगता से घर से बिना बताए निकले दो नाबालिग बच्चों को सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाया गया। दोनों बच्चे बिना टिकट मंडोर सुपरफास्ट ट्रेन में यात्रा कर रहे थे। टीटीई ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन और रेलवे कंट्रोल को सूचना दी।

जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया कि टीटीई अमित कुमार ट्रेन संख्या 22491 जोधपुर-दिल्ली मंडोर सुपरफास्ट में टिकट जांच कर रहे थे। इस दौरान डेगाना और मकराना के बीच एस-3 कोच में दो नाबालिग बच्चे मिले। टिकट जांच के दौरान दोनों के पास यात्रा संबंधी कोई टिकट नहीं मिला।

पूछताछ करने पर बच्चों ने बताया कि वे घर से बिना बताए निकलकर ट्रेन में सवार हुए हैं। उनके पास किसी तरह का सामान या पर्याप्त संसाधन भी नहीं थे। बच्चों की स्थिति को देखते हुए टीटीई ने उन्हें सुरक्षित रखा और मामले की जानकारी तत्काल जोधपुर कमर्शियल कंट्रोल तथा चाइल्ड हेल्पलाइन को दी।

टीटीई ने बच्चों से उनके परिजनों के संपर्क नंबर भी प्राप्त किए और उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। पूछताछ में सामने आया कि दोनों बच्चे अलवर के रहने वाले हैं और एक-दूसरे के पड़ोसी हैं। सूचना मिलने के बाद बच्चों के पिता संबंधित प्रक्रिया के तहत मौके पर पहुंचे। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों नाबालिग बच्चों को उनके पिता को सुरक्षित सौंप दिया गया।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, समय रहते टीटीई द्वारा दिखाई गई सतर्कता से दोनों बच्चों को किसी संभावित परेशानी से बचाया जा सका। टिकट जांच के दौरान बच्चों से संवेदनशीलता के साथ पूछताछ कर उनकी स्थिति को समझना और तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना देना महत्वपूर्ण कदम रहा।

रेलवे मंडल ने टीटीई अमित कुमार की तत्परता को सामाजिक सरोकार और जिम्मेदारी की मिसाल बताया। इस कार्रवाई से यह भी सामने आया कि नियमित टिकट जांच के दौरान रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता यात्रियों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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Author
Rajendra Harsh
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