पुलिस थाना उदयमंदिर टीम की बड़ी कार्रवाई
- Posted on 6 जनवरी 2026
- जोधपुर
- By Rajendra Harsh
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जोधपुर। जोधपुर शहर में भूखण्डों की फर्जी खरीद-फरोख्त और कूट रचित दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी के मामलों पर अंकुश लगाने के तहत पुलिस थाना उदयमंदिर टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने फर्जी आम मुख्तयारनामा बनाकर भूखण्ड का बेचान कर 15 लाख रुपये हड़पने वाले आरोपी राम अवतार को गिरफ्तार किया है।
पुलिस थाना उदयमंदिर टीम की बड़ी कार्रवाई, फर्जी आम मुख्तयारनामा बनाकर भूखण्ड बेचने वाला आरोपी गिरफ्तार
जोधपुर। जोधपुर शहर में भूखण्डों की फर्जी खरीद-फरोख्त और कूट रचित दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी के मामलों पर अंकुश लगाने के तहत पुलिस थाना उदयमंदिर टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने फर्जी आम मुख्तयारनामा बनाकर भूखण्ड का बेचान कर 15 लाख रुपये हड़पने वाले आरोपी राम अवतार को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपनी पहचान छुपाकर प्रवीण आचार्य व परी के नाम से लोगों के बीच सक्रिय था।
पुलिस उपायुक्त जोधपुर पूर्व पी.डी. नित्या (आईपीएस) ने बताया कि पुलिस आयुक्त जोधपुर ओमप्रकाश (आईपीएस) के निर्देशों की पालना में कूट रचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस थाना उदयमंदिर की टीम ने प्रकरण में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है।
घटना के संबंध में बताया गया कि दिनांक 18.09.2025 को परिवादी ने पुलिस थाना उदयमंदिर में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उसके ऊर्जा विहार स्थित ऋषभदेव नगर, जोधपुर में भूखण्ड संख्या 271 का फर्जी व कुटरचित आम मुख्तयारनामा बनाकर आरोपी राम अवतार व अन्य ने भूखण्ड को आगे बेच दिया। इस रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।
अनुसंधान के दौरान कुटरचित दस्तावेजों को एफएसएल जांच के लिए भेजा गया, जहां परिवादी सुरेश चन्द माथुर के नाम से आरोपी के पक्ष में बना आम मुख्तयारनामा फर्जी पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपने दस्तावेजों में अलग पता दर्ज कर रखा था और वहां निवास नहीं करता था। पुलिस ने मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी के वर्तमान ठिकाने का पता लगाया। पुलिस की भनक लगते ही आरोपी लगातार स्थान बदलकर छिपता रहा, लेकिन टीम ने पीछा करते हुए दिनांक 05.01.2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कचहरी परिसर में जमानत दिलाने का काम करता था और जेडीए में आना-जाना होने के दौरान उसने परिवादी के भूखण्ड की पत्रावली से पट्टे की रंगीन प्रति प्राप्त कर फर्जी पट्टा विलेख तैयार किया। इसी आधार पर फर्जी आम मुख्तयारनामा बनाकर भूखण्ड बेचकर 15 लाख रुपये हड़प लिए। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भिजवाया गया है।
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