शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 07:07 PM

फिल्म ‘सूर्या’ के टीजर में डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा के चित्रण पर आईएमए जोधपुर का विरोध

जोधपुर, 23 अक्टूबर। फिल्म ‘सूर्या–अंत से आरंभ तक’ के टीजर में चिकित्सकों और अस्पतालों के कथित नकारात्मक चित्रण तथा स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध हिंसा दिखाए जाने को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) जोधपुर ने कड़ा विरोध जताया है। संगठन ने चिकित्सकों की गरिमा, सुरक्षा और डॉक्टर-मरीज के बीच विश्वास बनाए रखने के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार करने की बात कही है। आईएमए जोधपुर के सचिव डॉ. प्रदीप जैन के अनुसार, राजस्थान आईएमए ने फिल्म के निर्माता-निर्देशक और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड को पत्र भेजकर विवादित दृश्यों की निष्पक्ष समीक्षा, आवश्यक संशोधन और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा के महिमामंडन को रोकने की मांग की है। राष्ट्रीय आईएमए ने भी केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई का आग्रह किया है।


जोधपुर, 23 अक्टूबर। फिल्म ‘सूर्या–अंत से आरंभ तक’ के टीजर में चिकित्सकों और अस्पतालों के कथित नकारात्मक चित्रण तथा स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध हिंसा दिखाए जाने को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) जोधपुर ने कड़ा विरोध जताया है। संगठन ने चिकित्सकों की गरिमा, सुरक्षा और डॉक्टर-मरीज के बीच विश्वास बनाए रखने के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार करने की बात कही है।

आईएमए जोधपुर के सचिव डॉ. प्रदीप जैन के अनुसार, राजस्थान आईएमए ने फिल्म के निर्माता-निर्देशक और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड को पत्र भेजकर विवादित दृश्यों की निष्पक्ष समीक्षा, आवश्यक संशोधन और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा के महिमामंडन को रोकने की मांग की है। राष्ट्रीय आईएमए ने भी केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई का आग्रह किया है।

आईएमए जोधपुर के अध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ राज लोढ़ा ने कहा कि चिकित्सकों के सम्मान से जुड़े इस मुद्दे पर शहर से भी सशक्त विरोध दर्ज होना चाहिए। उन्होंने कार्यकारिणी सदस्यों से विरोध की ठोस रणनीति तैयार करने का आह्वान किया।

वहीं, विनायका हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. प्रदीप शर्मा ने मामले में जनहित याचिका दायर करने की संभावना पर विधिक राय लेने का सुझाव दिया। आईएमए के पूर्व अध्यक्ष एवं वसुंधरा हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. संजय मकवाना ने भी निर्माता-निर्देशक के विरुद्ध उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर विचार करने की बात कही।

वरिष्ठ पैथोलॉजिस्ट डॉ. एन.एम. मेहता ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने अथवा रिलीज हो चुकी होने की स्थिति में आगामी प्रदर्शनों पर रोक की मांग को लेकर न्यायालय जाने का सुझाव दिया। डॉ. आर.के. बेहरा, डॉ. रामकिशन सोनी, डॉ. मुरलीधर पालीवाल, डॉ. लवलीन जनेवजा और डॉ. विजय बलानी ने भी विरोध का समर्थन किया।

डॉ. प्रदीप जैन ने कहा कि किसी व्यक्ति के कथित गलत आचरण के आधार पर पूरे चिकित्सा समुदाय को अविश्वसनीय दिखाना उचित नहीं है। शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन हिंसा को न्याय का माध्यम बताना चिंताजनक है।

आईएमए जोधपुर अब विधिक परामर्श और कार्यकारिणी में चर्चा के बाद आगे की रणनीति तय करेगा। संगठन ने चिकित्सकों की प्रतिष्ठा, स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा और मरीजों के विश्वास की रक्षा के लिए राज्य एवं राष्ट्रीय आईएमए के साथ समन्वय बनाए रखने की बात कही है।

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Author
Rajendra Harsh
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