जबर बाबा की बरसी भक्ति भाव से मनाई गई

जोधपुर। जबर बाबा के नाम से प्रसिद्ध नागा बाबा श्रीश्री 1008 सोमेश्वर गिरी जी महाराज की 33वीं बरसी सोमवार को श्रद्धा, आस्था और भक्ति भाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सिवांची गेट श्मशान के पास पहाड़ियों की तलहटी में स्थित जबरनाथ आश्रम में तड़के से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही। हजारों भक्तों ने बाबा की समाधि और प्रतिमा के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया।

WhatsApp Image 2026-01-27 at 8.44.22 PM (1)-AFMqrbFwSI.jpg

जबर बाबा की बरसी भक्ति भाव से मनाई गई
 सैकड़ों साधु-संतों और भक्तों ने ली प्रसादी तड़के से रात तक भक्तों का उमड़ा सैलाब

जोधपुर। जबर बाबा के नाम से प्रसिद्ध नागा बाबा श्रीश्री 1008 सोमेश्वर गिरी जी महाराज की 33वीं बरसी सोमवार को श्रद्धा, आस्था और भक्ति भाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सिवांची गेट श्मशान के पास पहाड़ियों की तलहटी में स्थित जबरनाथ आश्रम में तड़के से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही। हजारों भक्तों ने बाबा की समाधि और प्रतिमा के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया।

भूतेश्वर वनखंड में कठोर तपस्या करने वाले सिद्ध संत सोमेश्वर गिरी महाराज की बरसी पर आश्रम परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। प्रातःकाल बाबा की समाधि एवं प्रतिमा का विधिवत अभिषेक किया गया। शिव मंदिर तथा जबर बाबा की प्रतिमा को आकर्षक फूल मंडलियों से सजाया गया, जिससे पूरा आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा।

दिनभर भजन-कीर्तन और जयकारों की गूंज रही। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सुबह एवं सायंकाल जबर बाबा की आरती में भाग लिया। प्रसादी वितरण का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने सहभागिता की। देश के विभिन्न राज्यों से पधारे सैकड़ों साधु-संतों को भूतनाथ आश्रम परिसर में सम्मानपूर्वक भोजन कराया गया तथा उन्हें दक्षिणा एवं वस्त्र भेंट किए गए।

इस अवसर पर जबरनाथ आश्रम में जीवित समाधि लेने वाले अन्य सिद्ध संतों—जम्बू गिरि जी महाराज, भारती बाबा, औघड़ बाबा, भजन गिरि जी महाराज सहित अन्य समाधियों पर भी श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित कर नमन किया। महिला-पुरुष भक्तों ने पूरे श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना की और बाबा से सुख-समृद्धि की कामना की।

बरसी समारोह में अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भी जबरनाथ आश्रम पहुंचे और बाबा के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुआ, जिसमें सेवाभाव और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला।

 
 
 
0
Author
Rajendra Harsh
Author
Rajendra Harsh

Write a Response