इस्कॉन जोधपुर में भव्यता से मनाई गई राधाष्टमी
- Posted on 20 सितम्बर 2026
- जोधपुर
- By Rajendra Harsh
- 37 Views
जोधपुर। इस्कॉन जोधपुर मंदिर में राधाष्टमी महोत्सव भक्तिमय और उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। महोत्सव की शुरुआत प्रातः 4:30 बजे मंगल आरती के साथ हुई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान के दर्शन किए और भक्ति भाव से आरती में शामिल हुए। राधाष्टमी के अवसर पर श्री श्री राधा गोविंदजी का विशेष श्रृंगार किया गया। भगवान को भक्तों द्वारा तैयार की गई पूर्णतः फूलों से निर्मित विशेष पोशाक धारण कराई गई। इस आकर्षक पुष्प पोशाक को तैयार करने में करीब 40 भक्तों ने मिलकर योगदान दिया। विभिन्न प्रकार के फूलों और पुष्पमालाओं से भगवान का मनमोहक श्रृंगार किया गया। इसके साथ ही मंदिर की वेदी को भी रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया।
जोधपुर। इस्कॉन जोधपुर मंदिर में राधाष्टमी महोत्सव भक्तिमय और उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। महोत्सव की शुरुआत प्रातः 4:30 बजे मंगल आरती के साथ हुई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान के दर्शन किए और भक्ति भाव से आरती में शामिल हुए।
राधाष्टमी के अवसर पर श्री श्री राधा गोविंदजी का विशेष श्रृंगार किया गया। भगवान को भक्तों द्वारा तैयार की गई पूर्णतः फूलों से निर्मित विशेष पोशाक धारण कराई गई। इस आकर्षक पुष्प पोशाक को तैयार करने में करीब 40 भक्तों ने मिलकर योगदान दिया। विभिन्न प्रकार के फूलों और पुष्पमालाओं से भगवान का मनमोहक श्रृंगार किया गया। इसके साथ ही मंदिर की वेदी को भी रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया।
महोत्सव में इस्कॉन राजस्थान के जोनल सुपरवाइजर एवं दीक्षा गुरु परम पूज्य भक्ति आश्रय वैष्णव स्वामी महाराज ने कथा और आध्यात्मिक प्रवचन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को राधाष्टमी के आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराया। प्रवचन के बाद हरिनाम संकीर्तन का आयोजन हुआ। संकीर्तन में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और भक्ति भाव में नृत्य किया।
इसके बाद श्री श्री राधा गोविंदजी का पंचामृत अभिषेक विधिविधान के साथ संपन्न हुआ। अभिषेक के दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ रही और श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
कार्यक्रम के दौरान गुरुकुल के बच्चों ने सुंदर नाटिका प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। वहीं, दो माताओं ने भरतनाट्यम की मनमोहक प्रस्तुति दी। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से राधाष्टमी के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक भाव को प्रस्तुत किया गया।
महोत्सव में करीब एक हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसादम की व्यवस्था की गई। इस अवसर पर लगभग 2,000 प्रसादम प्लेटें वितरित की गईं। श्रद्धालुओं ने प्रसादम श्रद्धा और आनंद के साथ ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति, संकीर्तन और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा।
Write a Response