एआईआईएमएस जोधपुर रेजिडेंट डॉक्टर की मौत पर आईएमए ने जताया दुख
- Posted on 25 सितम्बर 2026
- जोधपुर
- By Rajendra Harsh
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जोधपुर। एआईआईएमएस जोधपुर के रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. राज नरेश यादव की मौत पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) जोधपुर ने गहरा दुख व्यक्त किया है। आईएमए ने उनके परिजनों, मित्रों और सहकर्मियों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि रिपोर्ट्स में मौत को संदिग्ध आत्महत्या बताया गया है, लेकिन मामले की परिस्थितियां अभी जांच के अधीन हैं। संगठन ने सभी से परिवार की निजता का सम्मान करने और मौत के कारणों को लेकर किसी तरह का अनुमान या अटकल नहीं लगाने की अपील की है। आईएमए जोधपुर ने कहा कि यह घटना केवल शोकसभा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। रेजिडेंट डॉक्टरों को ऐसे कार्य वातावरण की जरूरत है, जिसमें उनके स्वास्थ्य, सम्मान और मरीजों की सुरक्षित देखभाल सुनिश्चित हो सके।
जोधपुर। एआईआईएमएस जोधपुर के रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. राज नरेश यादव की मौत पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) जोधपुर ने गहरा दुख व्यक्त किया है। आईएमए ने उनके परिजनों, मित्रों और सहकर्मियों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि रिपोर्ट्स में मौत को संदिग्ध आत्महत्या बताया गया है, लेकिन मामले की परिस्थितियां अभी जांच के अधीन हैं। संगठन ने सभी से परिवार की निजता का सम्मान करने और मौत के कारणों को लेकर किसी तरह का अनुमान या अटकल नहीं लगाने की अपील की है।
आईएमए जोधपुर ने कहा कि यह घटना केवल शोकसभा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। रेजिडेंट डॉक्टरों को ऐसे कार्य वातावरण की जरूरत है, जिसमें उनके स्वास्थ्य, सम्मान और मरीजों की सुरक्षित देखभाल सुनिश्चित हो सके। संगठन ने लंबे ड्यूटी शेड्यूल, पर्याप्त आराम की कमी, अपनी समस्याएं खुलकर रखने में झिझक और गोपनीय सहायता प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों को गंभीर मुद्दा बताते हुए चिकित्सा संस्थानों से इन पर ठोस कार्रवाई की मांग की।
आईएमए ने डॉ. राज नरेश यादव की मौत की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर उसके निष्कर्ष उचित रूप से परिवार के साथ साझा करने की मांग की है। साथ ही रेजिडेंट डॉक्टरों की ड्यूटी रोस्टर, लगातार ड्यूटी के घंटे, नाइट ड्यूटी के बाद आराम और साप्ताहिक अवकाश की तत्काल समीक्षा कर स्पष्ट एवं लागू किए जा सकने वाले नियम बनाने की बात कही है।
संगठन ने पर्याप्त स्टाफ की उपलब्धता, रिपोर्टिंग अधिकारियों से अलग गोपनीय मानसिक स्वास्थ्य सहायता, भेदभाव या प्रताड़ना के डर से मुक्त शिकायत व्यवस्था तथा अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टरों की भागीदारी के साथ शिकायत निवारण तंत्र विकसित करने की मांग की। आईएमए ने कहा कि इन व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा अस्पताल प्रशासन, सरकार और संबंधित चिकित्सा शिक्षा अधिकारियों द्वारा की जानी चाहिए।
आईएमए जोधपुर ने कहा कि वह रेजिडेंट डॉक्टरों, एआईआईएमएस जोधपुर और अन्य शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर इन सुधारों के लिए काम करने को तैयार है। संगठन के अनुसार, युवा डॉक्टरों और मरीजों दोनों के हित में मानवीय प्रशिक्षण एवं कार्य परिस्थितियां सुनिश्चित करना जरूरी है।
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