जोधपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जोधपुर महानगर के भाग क्रमांक तीन की प्रमुख नागरिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ किसी भी व्यक्ति, मत या पंथ के प्रति शत्रु भाव नहीं रखता, बल्कि सभी मत–पंथों का सम्मान करता है और देशहित में सदैव तत्पर रहने वालों के साथ मजबूती से खड़ा रहता है।
निंबाराम जी ने कहा कि हिंदुत्व केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि जीवन-पद्धति है। हमारे समाज की मूल भावना न्याय, स्वतंत्रता और समता पर आधारित है। यही मूल्य हजारों वर्षों से भारतीय समाज की आत्मा रहे हैं और आज भी हमें एक-दूसरे से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने भारतीय सभ्यता और संस्कृति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारा डीएनए लगभग 40 हजार वर्ष पुराना है और हमारे पूर्वज एक रहे हैं। समय के साथ हमारी सभ्यताएं बदलीं, लेकिन संस्कृति कभी नहीं बदली। यही कारण है कि भारत विविधताओं के बावजूद एकता का प्रतीक बना हुआ है। उन्होंने समाज को अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने और उस पर गर्व करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में शहर के अनेक प्रमुख समाजसेवी, डॉक्टर, अभियंता, प्रोफेसर, विभिन्न शिक्षाविद, अधिवक्ता एवं उद्योगपति उपस्थित रहे। सभी ने संघ के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना और समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
मंच पर विभाग संघचालक जगदीश सिंह विराजमान रहे। कार्यक्रम की प्रस्तावना सह महानगर कार्यवाह महादेव प्रसाद ने रखी, जिसमें उन्होंने गोष्ठी के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। वहीं चंद्रप्रकाश सोनी ने अतिथियों का परिचय करवाया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ हुआ। उपस्थित जनों ने संगठन के विचारों को आत्मसात करते हुए समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए मिलकर कार्य करने की भावना व्यक्त की।
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