एस्केलेटर से छेड़छाड़ की तो खैर नहीं, रेलवे करेगा कार्रवाई
- Posted on 30 अगस्त 2026
- By Rajendra Harsh
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जोधपुर। यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक आसानी से पहुंचाने के लिए जोधपुर मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर लगाए गए एस्केलेटर की सुरक्षा को लेकर रेलवे ने निगरानी बढ़ा दी है। बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, महिलाओं और बच्चों के लिए उपयोगी इस सुविधा से छेड़छाड़ करने, जानबूझकर संचालन बाधित करने या रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ रेलवे सख्त कार्रवाई करेगा। मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए लगाए गए एस्केलेटर का सुचारू संचालन रेलवे की प्राथमिकता है। एस्केलेटर की सुविधा के कारण यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने के लिए सीढ़ियों का सहारा नहीं लेना पड़ता।
जोधपुर। यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक आसानी से पहुंचाने के लिए जोधपुर मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर लगाए गए एस्केलेटर की सुरक्षा को लेकर रेलवे ने निगरानी बढ़ा दी है। बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, महिलाओं और बच्चों के लिए उपयोगी इस सुविधा से छेड़छाड़ करने, जानबूझकर संचालन बाधित करने या रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ रेलवे सख्त कार्रवाई करेगा।
मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए लगाए गए एस्केलेटर का सुचारू संचालन रेलवे की प्राथमिकता है। एस्केलेटर की सुविधा के कारण यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने के लिए सीढ़ियों का सहारा नहीं लेना पड़ता। विशेष रूप से बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी है।
रेलवे ने एस्केलेटर और फुट ओवरब्रिज (एफओबी) क्षेत्र में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों की मदद बढ़ाई है। इन क्षेत्रों में होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर एस्केलेटर से छेड़छाड़ करता है, उसके संचालन में बाधा डालता है या रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है तो सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी पहचान की जाएगी। इसके बाद आरपीएफ संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
रेलवे के अनुसार, एस्केलेटर को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने पर रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 151 के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। वहीं, किसी जानबूझकर की गई हरकत से रेल यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ने की स्थिति में परिस्थितियों के अनुसार धारा 153 के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।
रेलवे ने एस्केलेटर में तकनीकी खराबी या उसके बंद होने की शिकायत मिलने पर संबंधित स्टाफ को तत्काल मौके पर पहुंचकर समस्या दूर करने और जल्द से जल्द एस्केलेटर चालू कराने के निर्देश दिए हैं। जोधपुर मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर आरपीएफ भी एस्केलेटर और एफओबी क्षेत्रों में निगरानी रख रही है।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे एस्केलेटर का सावधानीपूर्वक उपयोग करें और किसी भी खराबी, छेड़छाड़ या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल रेलवे स्टाफ को दें।
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