मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 05:52 AM

DU में छात्राओं के मार्च में गूंजे व्यंग्यात्मक नारे, महिला सुरक्षा और आजादी को लेकर उठी आवाज

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) परिसर में महिला छात्राओं के मार्च के दौरान लगाए गए अनोखे और व्यंग्यात्मक नारे सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। हाथों में पोस्टर और ‘Hum Auratein Azaad Hain’ बैनर के साथ छात्राओं ने महिला सुरक्षा और स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। मार्च के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह प्रदर्शन दिल्ली के कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क के पास 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित गैंगरेप की घटना के बाद आयोजित किए गए। प्रदर्शन में मिरांडा हाउस, कमला नेहरू कॉलेज, लेडी श्रीराम कॉलेज (LSR) और गार्गी कॉलेज सहित विभिन्न कॉलेजों की छात्राओं के शामिल होने की जानकारी सामने आई है।

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नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) परिसर में महिला छात्राओं के मार्च के दौरान लगाए गए अनोखे और व्यंग्यात्मक नारे सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। हाथों में पोस्टर और ‘Hum Auratein Azaad Hain’ बैनर के साथ छात्राओं ने महिला सुरक्षा और स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। मार्च के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किए जा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि यह प्रदर्शन दिल्ली के कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क के पास 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित गैंगरेप की घटना के बाद आयोजित किए गए। प्रदर्शन में मिरांडा हाउस, कमला नेहरू कॉलेज, लेडी श्रीराम कॉलेज (LSR) और गार्गी कॉलेज सहित विभिन्न कॉलेजों की छात्राओं के शामिल होने की जानकारी सामने आई है।

प्रदर्शनकारी छात्राओं की प्रमुख मांग है कि महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर उनकी आवाजाही, पहनावे या स्वतंत्रता पर पाबंदियां लगाने के बजाय अपराध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। छात्राओं ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जवाबदेही तय करने और अपराधों की रोकथाम पर जोर दिया।

मार्च के दौरान कई गंभीर संदेशों के साथ व्यंग्यात्मक और पॉप-कल्चर शैली के नारे भी लगाए गए। इनमें ‘रेपिस्ट को अंदर करो, लड़कियों को नहीं’, ‘1 कचौरी, 2 समोसा, इन मर्दों का क्या भरोसा’, ‘एक सुट्टा, दो चाय, मर्द जात हाय-हाय’ और ‘हमारी स्कर्ट नहीं है छोटी, इन मर्दों की सोच है छोटी’ जैसे नारे शामिल रहे। इसके अलावा ‘बेटी की लोकेशन नहीं, बेटे का इंटेंट चेक करो’ और ‘Girls just wanna have fundamental rights’ जैसे संदेशों वाले पोस्टर भी नजर आए।

इन नारों की भाषा और पोस्टरों की डिजाइन ने सोशल मीडिया पर खासा ध्यान आकर्षित किया। छोटे वीडियो और रील्स के माध्यम से प्रदर्शन से जुड़े दृश्य अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर साझा किए जा रहे हैं।

हालांकि, किसी वीडियो या नारे का सोशल मीडिया पर वायरल होना अपने आप में प्रदर्शन की व्यापकता या उसके प्रभाव का स्वतंत्र प्रमाण नहीं माना जा सकता। प्रदर्शन का मुख्य केंद्र महिलाओं की सुरक्षा, स्वतंत्रता और उनके अधिकारों को लेकर छात्राओं द्वारा उठाई गई आवाज रही।

 
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Author
Rajendra Harsh
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