जम्मू-कश्मीर के डोडा में बादल फटा

डोडा (जम्मू-कश्मीर), 7 जुलाई। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के ठठरी क्षेत्र में मंगलवार को बादल फटने की घटना से भारी तबाही मच गई। बादल फटने के बाद ऊपरी पहाड़ी इलाकों से तेज बहाव के साथ मलबा, बड़े पत्थर और चट्टानें कस्बे की ओर आ गईं, जिससे कई रिहायशी मकान और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ठठरी के ऊपरी क्षेत्रों में अचानक बादल फटने से नालों में उफान आ गया। तेज पानी अपने साथ भारी मात्रा में मलबा, बोल्डर और चट्टानें बहाकर लाया, जिसने रास्ते में आने वाली कई इमारतों को अपनी चपेट में ले लिया।

WhatsApp Image 2026-07-07 at 4.28.40 PM-47ENMngwE3.jpeg

डोडा (जम्मू-कश्मीर), 7 जुलाई। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के ठठरी क्षेत्र में मंगलवार को बादल फटने की घटना से भारी तबाही मच गई। बादल फटने के बाद ऊपरी पहाड़ी इलाकों से तेज बहाव के साथ मलबा, बड़े पत्थर और चट्टानें कस्बे की ओर आ गईं, जिससे कई रिहायशी मकान और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ठठरी के ऊपरी क्षेत्रों में अचानक बादल फटने से नालों में उफान आ गया। तेज पानी अपने साथ भारी मात्रा में मलबा, बोल्डर और चट्टानें बहाकर लाया, जिसने रास्ते में आने वाली कई इमारतों को अपनी चपेट में ले लिया। कई मकानों की दीवारें ढह गईं, जबकि दुकानों में रखा सामान भी मलबे में दब गया। स्थानीय लोगों ने किसी तरह सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर अपनी जान बचाई।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचे। प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया जा रहा है और मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से क्षतिग्रस्त मकानों और दुकानों का आकलन किया जा रहा है, ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इस घटना में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और पहाड़ी ढलानों के आसपास जाने से बचने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

मानसून के दौरान जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय इलाकों में बादल फटना, भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन लगातार संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है। राहत एजेंसियां प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में जुटी हैं, जबकि क्षति का विस्तृत आंकलन किया जा रहा है। प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त राहत एवं बचाव दल भी तैनात किए जाएंगे।

 
 
0
Author
Rajendra Harsh
Author
Rajendra Harsh

Write a Response