भीलवाड़ा में रिश्वत लेते संस्थापन अधिकारी गिरफ्तार

  • Posted on 24 जुलाई 2026
  • By Rajendra Harsh
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भीलवाड़ा, 23 जुलाई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने भीलवाड़ा में बड़ी कार्रवाई करते हुए माणिक्यलाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय के संस्थापन अधिकारी शिव नुवाल को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक निजी फर्म का ठेका निरस्त नहीं करने और उसे सुचारू रूप से जारी रखने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। आरोप है कि संस्थापन अधिकारी शिव नुवाल ने ठेका निरस्त नहीं करने और उसे पूर्ववत जारी रखने के बदले परिवादी से 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर ट्रैप की योजना बनाई गई।

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भीलवाड़ा, 23 जुलाई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने भीलवाड़ा में बड़ी कार्रवाई करते हुए माणिक्यलाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय के संस्थापन अधिकारी शिव नुवाल को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक निजी फर्म का ठेका निरस्त नहीं करने और उसे सुचारू रूप से जारी रखने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।

एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि भीलवाड़ा-द्वितीय इकाई को शिकायत मिली थी कि परिवादी की फर्म ने महाविद्यालय में सुरक्षा गार्ड, कंप्यूटर ऑपरेटर और सफाई कर्मचारियों की सेवाएं उपलब्ध कराई थीं। इसी दौरान एक रविवार को महाविद्यालय में चौकीदार के अनुपस्थित मिलने पर प्राचार्य ने संबंधित फर्म का ठेका निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।

आरोप है कि संस्थापन अधिकारी शिव नुवाल ने ठेका निरस्त नहीं करने और उसे पूर्ववत जारी रखने के बदले परिवादी से 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर ट्रैप की योजना बनाई गई।

एसीबी अजमेर रेंज के उप महानिरीक्षक पुलिस नारायण सिंह टोगस के निर्देशन और उप अधीक्षक पुलिस नरपत सिंह चारण के नेतृत्व में गुरुवार को ट्रैप कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान आरोपी शिव नुवाल को परिवादी से 40 हजार रुपये की रिश्वत राशि स्वीकार करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।

एसीबी अधिकारियों ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने पूर्व में भी इस प्रकार की अवैध वसूली की है या नहीं।

एसीबी ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी वैध कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9413502834 पर 24 घंटे दी जा सकती है। ब्यूरो ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई में पूरा सहयोग दिया जाएगा।

 
 
 
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