रेवदर में झोलाछापों पर मेहरबान BCMO ट्रैप

ACB की बड़ी कार्रवाई के बाद एक और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। रेवदर के BCMO डॉ. लौंग मोहम्मद पर आरोप है कि वे न सिर्फ रिश्वतखोरी में लिप्त थे, बल्कि क्षेत्र में सक्रिय झोलाछाप डॉक्टरों से भी हर महीने मंथली वसूली करते थे।


सिरोही (रेवदर)

रेवदर क्षेत्र में अवैध चिकित्सा गतिविधियों को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों के बीच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की बड़ी कार्रवाई के बाद एक और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। रेवदर के ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (BCMO) डॉ. लौंग मोहम्मद पर गंभीर आरोप लगे हैं कि वे न केवल रिश्वतखोरी में लिप्त थे, बल्कि क्षेत्र में सक्रिय झोलाछाप डॉक्टरों से हर महीने नियमित मंथली वसूली भी कर रहे थे।

सूत्रों के अनुसार, ACB द्वारा की गई ट्रैप कार्रवाई के बाद जब पूछताछ और दस्तावेजी जांच आगे बढ़ी तो यह तथ्य उजागर हुआ कि झोलाछाप डॉक्टरों को संरक्षण देने के बदले उनसे तयशुदा रकम ली जाती थी। बताया जा रहा है कि रेवदर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में कई झोलाछाप बिना किसी वैध डिग्री और पंजीकरण के वर्षों से इलाज कर रहे थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही थी।

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों की ओर से पहले भी अवैध चिकित्सा गतिविधियों की शिकायतें उच्च स्तर तक भेजी गई थीं। बावजूद इसके, कार्रवाई न होने से यह संदेह गहराता रहा कि कहीं न कहीं विभागीय संरक्षण प्राप्त है। अब ACB की जांच में सामने आए तथ्यों ने इन आशंकाओं को काफी हद तक सही साबित कर दिया है।

ACB सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि यह मामला केवल एक अधिकारी तक सीमित नहीं हो सकता। झोलाछापों के पूरे नेटवर्क और उन्हें संरक्षण देने वाले अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इसके लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की गहन पड़ताल की जा रही है।

रेवदर क्षेत्र में इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आम जनता का कहना है कि झोलाछापों के कारण मरीजों की जान से खिलवाड़ होता रहा, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे रहे। अब ACB की कार्रवाई से उम्मीद जगी है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

ACB ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी व्यक्ति या अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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