आयुर्वेद विश्वविद्यालय में संस्थागत नैतिक समिति की बैठक

जोधपुर। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर में संस्थागत नैतिक समिति (इंस्टीट्यूशनल एथिकल कमेटी) की तीन दिवसीय बैठक 7 से 9 सितंबर तक आयोजित की गई। समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर वैद्य श्रीकृष्ण शर्मा खांडल की अध्यक्षता में हुई बैठक में विश्वविद्यालय के संघटक आयुर्वेद महाविद्यालय के 14 विभागों के करीब 80 स्नातकोत्तर एवं पीएचडी शोधार्थियों द्वारा प्रस्तुत शोध-सारों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में शोधार्थियों के शोध कार्य के उद्देश्य, अध्ययन की रूपरेखा, शोध-पद्धति, वैज्ञानिक प्रासंगिकता, नैतिक पक्ष तथा अपेक्षित परिणामों का परीक्षण किया गया। समिति के सदस्यों ने शोध-सारों का बारीकी से अवलोकन करते हुए आवश्यक संशोधन एवं सुधार के संबंध में शोधार्थियों को सुझाव दिए।

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जोधपुर। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर में संस्थागत नैतिक समिति (इंस्टीट्यूशनल एथिकल कमेटी) की तीन दिवसीय बैठक 7 से 9 सितंबर तक आयोजित की गई। समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर वैद्य श्रीकृष्ण शर्मा खांडल की अध्यक्षता में हुई बैठक में विश्वविद्यालय के संघटक आयुर्वेद महाविद्यालय के 14 विभागों के करीब 80 स्नातकोत्तर एवं पीएचडी शोधार्थियों द्वारा प्रस्तुत शोध-सारों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में शोधार्थियों के शोध कार्य के उद्देश्य, अध्ययन की रूपरेखा, शोध-पद्धति, वैज्ञानिक प्रासंगिकता, नैतिक पक्ष तथा अपेक्षित परिणामों का परीक्षण किया गया। समिति के सदस्यों ने शोध-सारों का बारीकी से अवलोकन करते हुए आवश्यक संशोधन एवं सुधार के संबंध में शोधार्थियों को सुझाव दिए। साथ ही शोध कार्य को अधिक वैज्ञानिक, गुणवत्तापूर्ण और समाजोपयोगी बनाने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर वैद्य श्रीकृष्ण शर्मा खांडल ने कहा कि शोध की वैज्ञानिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ शोध में शामिल प्रतिभागियों के अधिकारों और हितों की सुरक्षा करना समिति की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शोध-सार के स्तर पर ही गहन समीक्षा और उचित मार्गदर्शन मिलने से शोध कार्य को बेहतर एवं नैतिक दिशा दी जा सकती है।

विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर वैद्य गोविंद सहाय शुक्ला ने कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए शोध और नवाचार की महती आवश्यकता है। उन्होंने शोधार्थियों से नवीन, वैज्ञानिक और समाजोपयोगी विषयों पर निर्धारित वैज्ञानिक एवं नैतिक मानकों के अनुरूप शोध करने का आह्वान किया।

बैठक में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, गोवा के प्रोफेसर शिवकुमार हर्ती, आईटीआरए जामनगर के प्रोफेसर भूपेश पटेल, जेएनवीयू के पूर्व प्रोफेसर एलएन बुनकर, डीन फैकल्टी ऑफ आयुर्वेद प्रोफेसर गोविंद प्रसाद गुप्ता, प्राचार्य प्रोफेसर चंदन सिंह, प्रोफेसर महेंद्र कुमार शर्मा, परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर राजाराम अग्रवाल, प्रोफेसर ए. निलिमा रेड्डी, प्रोफेसर देवेंद्र चाहर, एडवोकेट मोहित, समन्वयक प्रोफेसर दिनेश शर्मा, सह-समन्वयक प्रोफेसर हरीश कुमार सिंघल सहित विषय विशेषज्ञ, शिक्षक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।

समिति ने शोधार्थियों को प्राप्त सुझावों के अनुरूप शोध प्रस्तावों को परिष्कृत करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया।

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Author
Rajendra Harsh
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