रेलवे ट्रैक व परिसरों के आसपास पतंगबाजी न करें

जोधपुर, 13 जनवरी।
मकर संक्रांति के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे, जोधपुर रेल मंडल द्वारा यात्रियों एवं आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष संरक्षा अभियान चलाया जा रहा है। मंडल रेल प्रबंधक श्री अनुराग त्रिपाठी के दिशा-निर्देशन में रेलवे प्रशासन द्वारा लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वे रेलवे ट्रैक, ओवरहेड विद्युत लाइनों एवं रेलवे परिसरों के आसपास पतंगबाजी न करें

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मकर संक्रांति के पर्व पर आमजन रेलवे ट्रैक व परिसरों के आसपास पतंगबाजी न करें

जोधपुर, 13 जनवरी।
मकर संक्रांति के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे, जोधपुर रेल मंडल द्वारा यात्रियों एवं आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष संरक्षा अभियान चलाया जा रहा है। मंडल रेल प्रबंधक श्री अनुराग त्रिपाठी के दिशा-निर्देशन में रेलवे प्रशासन द्वारा लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वे रेलवे ट्रैक, ओवरहेड विद्युत लाइनों एवं रेलवे परिसरों के आसपास पतंगबाजी न करें।

डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि भारतवर्ष में मकर संक्रांति का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। जोधपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में इस अवसर पर पतंगबाजी की विशेष परंपरा है, लेकिन प्रतिवर्ष रेलवे ट्रैक के निकट पतंग उड़ाने के दौरान कई लोग गंभीर दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। ऐसे हादसों से बचाव के लिए सावधानी और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में जोधपुर रेल मंडल के लगभग सभी रेल खंडों पर विद्युत कर्षण प्रणाली के अंतर्गत रेलगाड़ियों का संचालन किया जा रहा है। रेलवे ट्रैक को अनधिकृत स्थानों से पार करना रेल अधिनियम 1989 की धारा 147 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर 1000 रुपये तक का आर्थिक दंड, 6 माह तक का कारावास अथवा दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री हितेश यादव ने जानकारी दी कि रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरने वाली ओवरहेड विद्युत लाइनों में लगभग 25,000 वोल्ट का उच्च विद्युत प्रवाह रहता है। पतंग की डोर यदि इन लाइनों के संपर्क में आ जाए तो गंभीर विद्युत दुर्घटना हो सकती है। विशेष रूप से धातु युक्त या चाइनीज मांझे के उपयोग से करंट का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।

इसके अतिरिक्त रेलवे ट्रैक पर तेज गति से गुजरने वाली रेलगाड़ियों के कारण भी गंभीर हादसे की आशंका बनी रहती है। रेलवे प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि मकर संक्रांति के अवसर पर पतंगबाजी केवल सुरक्षित और खुले स्थानों पर ही करें, रेलवे ट्रैक, ओवरहेड विद्युत लाइनों एवं रेलवे परिसरों से दूर रहें तथा स्वयं व दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित कर पर्व को सुरक्षित एवं आनंदमय बनाएं।

 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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