जोधपुर। मानवता और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय जोधपुर ग्रामीण में कार्यरत सहायक उप निरीक्षक हिमांशु शर्मा ने आपातकालीन स्थिति में एक मरीज के लिए सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) डोनेट कर जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जानकारी के अनुसार वसुंधरा हॉस्पिटल में भर्ती एक मरीज को तत्काल एसडीपी की आवश्यकता थी। मरीज के परिजनों ने इस संबंध में वंदे भारत सेवा संस्थान के सचिव नरेंद्र सिंह राठौड़ से संपर्क किया।
जोधपुर। मानवता और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय जोधपुर ग्रामीण में कार्यरत सहायक उप निरीक्षक हिमांशु शर्मा ने आपातकालीन स्थिति में एक मरीज के लिए सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) डोनेट कर जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जानकारी के अनुसार वसुंधरा हॉस्पिटल में भर्ती एक मरीज को तत्काल एसडीपी की आवश्यकता थी। मरीज के परिजनों ने इस संबंध में वंदे भारत सेवा संस्थान के सचिव नरेंद्र सिंह राठौड़ से संपर्क किया। सूचना मिलते ही उन्होंने सहायक उप निरीक्षक हिमांशु शर्मा से बात की, जिन्होंने बिना समय गंवाए तुरंत रोटरी ब्लड बैंक पहुंचकर एसडीपी डोनेट किया।
गौरतलब है कि हिमांशु शर्मा ने यह दान 37वीं बार किया है। उनके इस मानवीय कार्य की मरीज के परिजनों, सामाजिक संगठनों और आमजन ने सराहना की है। संकट की घड़ी में आगे आकर जरूरतमंद की सहायता करना समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश माना जा रहा है।
हिमांशु शर्मा ने कहा कि रक्तदान और प्लेटलेट्स दान से किसी भी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है, इसलिए हर स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।
इस अवसर पर मौजूद लोगों ने उनकी सेवा भावना और सामाजिक सरोकारों की प्रशंसा करते हुए उन्हें मानवता का सच्चा प्रहरी बताया। आयोजन से जुड़े लोगों ने इसे समाज में सकारात्मक उदाहरण करार दिया और अन्य लोगों से भी ऐसे कार्यों में भागीदारी की अपील की।
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