जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को सांगानेर सदर थाने में तैनात सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) महेश चन्द मीणा को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ परिवादी से उसके मामा की पिकअप छोड़ने और प्रकरण में सहपरिवादी को आरोपी नहीं बनाने के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी।
एसीबी के अनुसार, जयपुर नगर तृतीय चौकी को मिली शिकायत में बताया गया कि सांगानेर सदर थाने में दर्ज एक मामले के अनुसंधान अधिकारी एएसआई महेश चन्द मीणा द्वारा परिवादी के मामा के नाम दर्ज पिकअप को छोड़ने तथा सहपरिवादी को मामले में मुल्जिम नहीं बनाने की एवज में 20-20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान आरोपी ने मामले में राजीनामा होने के दस्तावेज मांगकर पिकअप छोड़ने और प्रकरण का निस्तारण करने के बदले 10 हजार रुपए रिश्वत लेना स्वीकार किया।
इसके बाद एसीबी उप महानिरीक्षक द्वितीय, जयपुर ओमप्रकाश मीणा के सुपरवीजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश नवल के नेतृत्व में ट्रेप कार्रवाई की गई। एसीबी के अनुसार, 1 अक्टूबर को आरोपी एएसआई ने परिवादी और सहपरिवादी से राजीनामे से संबंधित दस्तावेज लिए। इसके बाद सहपरिवादी से पूछताछ करने के पश्चात परिवादी से 10 हजार रुपए रिश्वत राशि प्राप्त कर अपनी पहनी हुई जींस की जेब में रख ली। इसी दौरान एसीबी टीम ने कार्रवाई करते हुए रिश्वत की पूरी राशि आरोपी की जेब से बरामद कर ली।
मौके पर कार्रवाई के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरवीजन में आगे की कार्रवाई जारी है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा।
एसीबी ने आमजन से भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1064 और व्हाट्सऐप हेल्पलाइन 94135-02834 पर 24 घंटे संपर्क करने की अपील की है।
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