आदरपूर्वक दिया गया दान भविष्य में वरदान बनता है:
- Posted on 26 दिसम्बर 2025
- जोधपुर
- By Rajendra Harsh
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राष्ट्रीय संस्कार शिविर डिवाइन विंटर कैम्प के दूसरे दिन शुक्रवार को शिविरार्थियों को सम्बोधित करते हुए आचार्य श्री विजयराज जी म. सा. ने कहा कि" आदरपूर्वक दिया गया दान भविष्य में वरदान बन जाता है।
जोधपुर, 26 दिसम्बर।
राष्ट्रीय संस्कार शिविर डिवाइन विंटर कैम्प के दूसरे दिन शुक्रवार को शिविरार्थियों को सम्बोधित करते हुए आचार्य विजयराज जी म. सा. ने कहा कि" आदरपूर्वक दिया गया दान भविष्य में वरदान बन जाता है।" दान कभी निष्फल नहीं जाता, दान देने से धन भले जाता है पर लक्ष्मी का आगमन होता है। आचार्य ने "द" अक्षर का महत्व बताते हुए कहा- दया करो, दान करो, दमन करो, दर्शन करो, दलाली करो। जीव दया करने वाला ही सम्यक्त्वी बनता है। उन्होंने कहा कि आज का अपराध कल का संताप बनता है, इसलिए क्रूरता, कठोरता और निष्ठुरता जीवन में कभी नहीं लाना चाहिए। इच्छाओं का दमन और दूसरों को प्रेरित करना धर्म दलाली का स्वरूप है, जैसे दीप से दीप जलता है, वैसे ही प्रेरणा से समाज प्रकाशित होता है।
सुनील कोटड़िया ने बताया कि जोधपुर में विराजित ज्ञानगच्छाधिपति श्री प्रकाशचंद्र जी म.सा. एवं हुक्मगच्छाधिपति आचार्य विजयराज जी म.सा. जैसी दो महान् विभूतियों का आत्मीय एवं आध्यात्मिक मिलन हुआ, दोनों आचार्यों का मिलन अत्यंत मनोहारी एवं अनुपम दृश्य देख सभी का मन हर्षित हो गया। ऐसा आध्यात्मिक मिलन समाज के लिए एक प्रेरणादायक और अनुकरणीय उदाहरण हैं।
शिविर-प्रबन्धक सतीश कोटड़िया ने बताया कि शिविरार्थियों के आवास-निवास एवं भोजन की समुचित व्यवस्था शिविर स्थल पर की गई है। दिन की शुरुआत विंटर योगा से हुई। सचिन गादिया ने शिविरार्थियों को नियमावली समझाते हुए अनुशासनपूर्वक सभी कक्षाओं में सम्मिलित होने का आग्रह किया।
दोपहर में डॉ. श्वेता जैन, डायरेक्टर IMBO (Innovative Mid-Brain Optimization Institute), जोधपुर द्वारा "How to Deal Emotional" विषय पर प्रेरक एवं ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित हुआ। सत्र में प्रश्नोत्तर प्रतियोगिता के माध्यम से शिविरार्थियों ने भावनात्मक बुद्धिमत्ता एवं मन प्रबंधन से जुड़ी बातों को सहज तरीके से सीखा और मनोयोगपूर्वक श्रवण किया।
शिविर के सफल संचालन में लोकेश कोठारी, सचिन गादिया, मोहित अलका लोढ़ा एवं लीला मूथा का विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है।
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