जोधपुर। नागरिक सुरक्षा संगठन द्वारा भारत सरकार की क्षमता संवर्धन योजना के अंतर्गत वार्डनों एवं स्वयंसेवकों के लिए सात दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं में दक्ष बनाना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को नागरिक सुरक्षा का इतिहास, आपदा प्रबंधन की मूलभूत अवधारणाएं तथा आधुनिक युद्ध परिस्थितियों में राष्ट्र की सुरक्षा में नागरिकों की भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के समय स्वयंसेवक किस प्रकार प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम में बचाव के सामान्य सिद्धांत, उपकरणों का गठन एवं उनके उपयोग, आपदा के प्रभाव को कम करने के उपायों पर विशेष जोर दिया गया। स्वयंसेवकों को अग्नि त्रिकोण, आग लगने के कारणों एवं आग बुझाने की विभिन्न विधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। इसके तहत अग्निशमन यंत्रों का उपयोग, फायर होज संचालन, पोर्टेबल पंप, स्थायी फायर-फाइटिंग सिस्टम, स्प्रिंकलर एवं हाइड्रेंट के संचालन का फील्ड अभ्यास करवाया गया।
इसके अतिरिक्त आपातकालीन बचाव कार्यों में अपनाई जाने वाली तकनीकों का भी प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को क्षतिग्रस्त भवनों का सर्वेक्षण, सुरक्षित प्रवेश के तरीके, मलबा हटाने की तकनीक, खोज एवं रेस्क्यू ड्रिल के साथ-साथ प्राथमिक उपचार की विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें सीपीआर, कृत्रिम श्वसन, रक्तस्राव रोकने के उपाय, फ्रैक्चर की स्थिति में उपचार तथा हार्ट अटैक जैसी आपात स्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करने के तरीके शामिल रहे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में नागरिक सुरक्षा विभाग के सीडी अनुदेशकों द्वारा स्वयंसेवकों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया, जिससे वे किसी भी आपदा की स्थिति में तत्परता के साथ कार्य कर सकें। आयोजन के अंत में प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया।
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