कराची में भिखारियों पर ‘जासूसी’ का शक

कराची। भारत की चर्चित फिल्म “धुरंधर-2” का असर अब पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी देखने को मिल रहा है। फिल्म की कहानी और उसमें दिखाए गए जासूसी घटनाक्रम ने वहां के लोगों और प्रशासन के बीच असामान्य सतर्कता पैदा कर दी है। खासकर कराची शहर में इसका प्रभाव ज्यादा देखने को मिल रहा है, जहां सड़कों पर घूमने वाले भिखारियों और मजदूरों तक पर शक की नजर डाली जा रही है।


धुरंधर-2 का खौफ़: पाकिस्तान में हड़कंप, कराची में भिखारियों पर ‘जासूसी’ का शक

कराची। भारत की चर्चित फिल्म “धुरंधर-2” का असर अब पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी देखने को मिल रहा है। फिल्म की कहानी और उसमें दिखाए गए जासूसी घटनाक्रम ने वहां के लोगों और प्रशासन के बीच असामान्य सतर्कता पैदा कर दी है। खासकर कराची शहर में इसका प्रभाव ज्यादा देखने को मिल रहा है, जहां सड़कों पर घूमने वाले भिखारियों और मजदूरों तक पर शक की नजर डाली जा रही है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कराची में कई स्थानों पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध लोगों की पहचान की जांच कर रही हैं। भिखारियों और दिहाड़ी मजदूरों से पहचान पत्र मांगे जा रहे हैं और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों को आशंका है कि कहीं इनकी आड़ में कोई जासूसी गतिविधि न चल रही हो।

फिल्म के प्रभाव के चलते आम लोगों में भी भय और असमंजस का माहौल बन गया है। कई लोग हर अनजान व्यक्ति को शक की नजर से देख रहे हैं। बाजारों, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थलों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। इससे गरीब तबके के लोगों, खासकर भिखारियों और मजदूरों में दहशत का माहौल है।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाए जा रहे हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। हालांकि, कुछ सामाजिक संगठनों ने इस कार्रवाई पर चिंता जताई है और कहा है कि इससे गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि फिल्मों का समाज पर प्रभाव पड़ता है, लेकिन इस तरह की प्रतिक्रिया असामान्य है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और किसी भी तरह की शंका होने पर सीधे प्रशासन को सूचित करें।

फिलहाल कराची सहित अन्य बड़े शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सतर्कता बरतना जरूरी है।

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Author
Rajendra Harsh
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