सेवानिवृत्त आईएएस सुबोध अग्रवाल गिरफ्तार

Jaipur, 9 अप्रैल। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा जल जीवन मिशन में हुए हजारों करोड़ रुपये के कथित घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी Subodh Agarwal को गिरफ्तार किया गया है। एसीबी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने उन्हें दिल्ली से हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया।

 

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जल जीवन मिशन घोटाले में बड़ी कार्रवाई: सेवानिवृत्त आईएएस सुबोध अग्रवाल गिरफ्तार

Jaipur, 9 अप्रैल। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा जल जीवन मिशन में हुए हजारों करोड़ रुपये के कथित घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी Subodh Agarwal को गिरफ्तार किया गया है। एसीबी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने उन्हें दिल्ली से हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया।

यह कार्रवाई एसीबी में दर्ज प्रकरण संख्या 245/2024 के तहत की गई है, जिसमें जल जीवन मिशन के तहत टेंडर प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। जांच में सामने आया कि मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी और श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी ने Ircon International Ltd. के फर्जी कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र तैयार कर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर करीब 960 करोड़ रुपये के टेंडर हासिल किए।

इसके अलावा, तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर रहते हुए सुबोध अग्रवाल और अन्य अधिकारियों द्वारा 50 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स में नियमों के विरुद्ध साइट विजिट प्रमाण-पत्र की शर्त शामिल कर टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। इससे बोलीदाताओं की पहचान उजागर हुई और टेंडर पूलिंग के जरिए 30 से 40 प्रतिशत तक अधिक प्रीमियम पर टेंडर स्वीकृत किए गए। इन टेंडरों की कुल राशि लगभग 20 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है।

इस मामले में अब तक 10 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें कई वरिष्ठ इंजीनियर और अधिकारी शामिल हैं। वहीं, तीन अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनके खिलाफ अदालत द्वारा स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं और उनकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया जारी है।

मामले की जांच अतिरिक्त महानिदेशक Smita Srivastava के सुपरविजन में जारी है। एसआईटी टीम द्वारा तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है।

एसीबी अधिकारियों के अनुसार, यह मामला राज्य के सबसे बड़े भ्रष्टाचार मामलों में से एक माना जा रहा है, जिसमें आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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