मधुमक्खियों से मुक्त हुआ मंडोर गार्डन

Mandore Garden को तीन दिन चले विशेष रेस्क्यू अभियान के बाद मधुमक्खियों से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है। जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की टीम ने विशेषज्ञों की सहायता से पूरे परिसर में फैली मधुमक्खियों को सुरक्षित तरीके से हटाकर उन्हें अन्य सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया।

 

WhatsApp Image 2026-04-21 at 6.40.00 PM-1IgJldmx0N.jpeg

Mandore Garden को तीन दिन चले विशेष रेस्क्यू अभियान के बाद मधुमक्खियों से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है। जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की टीम ने विशेषज्ञों की सहायता से पूरे परिसर में फैली मधुमक्खियों को सुरक्षित तरीके से हटाकर उन्हें अन्य सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया।

पिछले कुछ दिनों से गार्डन परिसर में मधुमक्खियों की भारी मौजूदगी के कारण पर्यटकों और श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विशेषकर भेरूजी मंदिर में आने वाले भक्तों को भी असुविधा हो रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जेडीए ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान मधुमक्खियों को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाए बिना सुरक्षित रूप से स्थानांतरित किया गया। तीन दिनों तक चले इस अभियान के सफल समापन के बाद अब पूरा परिसर सुरक्षित घोषित कर दिया गया है। इसके बाद गार्डन को बुधवार से पर्यटकों के लिए पुनः खोलने का निर्णय लिया गया है।

मंगलवार को जोधपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान हालात सामान्य पाए जाने पर गार्डन को खोलने की अनुमति दी गई। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए गार्डन परिसर में अतिरिक्त इंतजाम भी किए गए हैं।

जेडीए ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए नियमित निगरानी और सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष सतर्कता बरती जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि यह स्थल शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते हैं। अब गार्डन के पुनः खुलने से पर्यटक एक बार फिर यहां प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकेंगे।

 
 
0
Author
Rajendra Harsh
Author
Rajendra Harsh

Write a Response