सीईआईआर पोर्टल से बड़ी सफलता

जोधपुर, 03 अप्रैल 2026: साइबर सेल जोधपुर पश्चिम एवं जिला पश्चिम के विभिन्न पुलिस थानों की संयुक्त कार्रवाई में संचार साथी (CEIR) पोर्टल की मदद से बड़ी सफलता हासिल करते हुए 110 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए गए। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 33 लाख रुपये बताई जा रही है। अपने खोए मोबाइल वापस मिलने पर परिवादियों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

 

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सीईआईआर पोर्टल से बड़ी सफलता: जोधपुर पश्चिम पुलिस ने 110 खोए मोबाइल बरामद कर लौटाए

जोधपुर, 03 अप्रैल 2026: साइबर सेल जोधपुर पश्चिम एवं जिला पश्चिम के विभिन्न पुलिस थानों की संयुक्त कार्रवाई में संचार साथी (CEIR) पोर्टल की मदद से बड़ी सफलता हासिल करते हुए 110 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए गए। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 33 लाख रुपये बताई जा रही है। अपने खोए मोबाइल वापस मिलने पर परिवादियों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

पुलिस उपायुक्त जोधपुर पश्चिम कमल शेखावत के निर्देशन में साइबर सेल एवं पुलिस थानों की टीमों ने यह विशेष अभियान चलाया। अभियान के तहत आधुनिक तकनीक और CEIR पोर्टल की सहायता से खोए एवं चोरी हुए मोबाइल फोन को ट्रेस कर उनकी रिकवरी सुनिश्चित की गई। पुलिस की इस कार्रवाई को आमजन ने सराहा है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब तक जोधपुर पश्चिम जिले में CEIR पोर्टल के माध्यम से कुल 820 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे जा चुके हैं, जो पुलिस की तकनीकी दक्षता और सक्रियता को दर्शाता है।

पुलिस उपायुक्त ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि मोबाइल फोन खोने या चोरी होने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करना बेहद जरूरी है। इसके लिए सबसे पहले संबंधित पुलिस थाने में मिसिंग रिपोर्ट दर्ज करवाएं या राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करें। इसके बाद CEIR पोर्टल पर जाकर मोबाइल को ब्लॉक करना चाहिए।

उन्होंने बताया कि मोबाइल ब्लॉक करने के लिए उपयोगकर्ता को पोर्टल पर जाकर “Block Stolen/Lost Mobile” विकल्प का चयन कर आवश्यक जानकारी भरनी होती है और मिसिंग रिपोर्ट, मोबाइल बिल व पहचान पत्र अपलोड करना होता है। फॉर्म सबमिट करने के बाद प्राप्त Request ID को सुरक्षित रखना चाहिए, जिससे मोबाइल की ट्रेसिंग स्थिति को ट्रैक किया जा सके।

पुलिस ने यह भी बताया कि जैसे ही खोया हुआ मोबाइल किसी नए नंबर के साथ सक्रिय होता है, उसकी जानकारी ट्रेसबिलिटी रिपोर्ट में दर्ज हो जाती है, जिससे पुलिस को उसे बरामद करने में मदद मिलती है।

इस अभियान में साइबर सेल जोधपुर पश्चिम एवं जिला पश्चिम के सभी पुलिस थानों की टीमों की अहम भूमिका रही। पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने और तकनीकी सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की है।

 
 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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